-जनकपुरधाम में कार्यक्रम: नेपाल को हिन्दू राष्ट्र पुनः स्थापित करने के लिए जनजागरण की आवश्यकता—अरुण कुमार सुवेदी
जनकपुरधाम से मिश्री लाल मधुकर।
जनकपुरधाम में शुक्रवार को हिन्दू स्वाभिमान जागरण अभियान के तत्वावधान में आयोजित एक कार्यक्रम में नेपाल को हिन्दू राष्ट्र के रूप में पुनः स्थापित करने के लिए देशव्यापी जनजागरण अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। कार्यक्रम मारवाड़ी सेवा समिति के सभाकक्ष में आयोजित हुआ।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हिन्दू राष्ट्र स्वाभिमान जागरण अभियान के राजनीतिक एवं सुरक्षा विश्लेषक अरुण कुमार सुवेदी ने कहा कि प्रत्येक हिन्दू परिवार से संपर्क कर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाना चाहिए, ताकि सरकार पर जनमत का दबाव बनाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि एक साजिश के तहत नेपाल को धर्मनिरपेक्ष घोषित कर विश्व के एकमात्र हिन्दू राष्ट्र की पहचान को समाप्त किया गया।
सुवेदी ने आरोप लगाया कि विदेशी एनजीओ द्वारा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की आड़ में पहाड़ी क्षेत्रों में धर्मांतरण की गतिविधियां हो रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों की संख्या बढ़ने से देश की जनसांख्यिकी प्रभावित हो रही है। सीमा क्षेत्रों में मदरसों और मस्जिदों तथा पहाड़ी इलाकों में चर्चों के निर्माण का भी उन्होंने उल्लेख किया।

कार्यक्रम में महासचिव प्रेम भुनुंग राई ने कहा कि जाति-पात से ऊपर उठकर हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए एकजुट होना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि समय रहते सचेत न होने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।
सुरेश शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में हिन्दू स्वयंसेवक संघ के जनकपुर संभाग प्रचारक पवन ठाकुर, विश्व हिन्दू परिषद के धनुषा जिला अध्यक्ष संतोष कुमार साह, हिन्दू धर्म प्रचारिका रेखा राय, प्रदीप शर्मा, लक्ष्मण यादव, सुजीत कुमार झा सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे।














