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गुठी संस्थान ने तालाबों से अतिक्रमण हटाने के लिए 15 दिन की अतिरिक्त मोहलत दी

-गुठी संस्थान ने तालाबों से अतिक्रमण हटाने के लिए 15 दिन की अतिरिक्त मोहलत दी

जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर। गुठी संस्थान ने तालाबों और पोखरों के किनारे बनाए गए अतिक्रमित घर, दुकान और कार्यालय सहित अन्य संरचनाओं को हटाने के लिए संबंधित लोगों और संस्थाओं को 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया है। गुठी की जमीन की सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन के लिए गठित हाई लेवल टास्क फोर्स की विभिन्न रिपोर्टों के आधार पर तालाबों से चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है।

इससे पहले भाद्र 19 को सार्वजनिक सूचना जारी कर संबंधित लोगों और संस्थाओं से सात दिनों के भीतर बिना अनुमति बनाई गई संरचनाओं को स्वयं हटाने की अपील की गई थी। इसके तहत भाद्र 27 से संरचनाएं हटाने की तैयारी की गई थी। हालांकि निगरानी के दौरान कुछ लोगों ने स्वयं अतिक्रमित संरचनाएं हटाना शुरू कर दिया और अतिरिक्त समय की मांग की। इसके बाद इम्प्लीमेंटेशन कमेटी ने 15 दिन का अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया।

गुठी संस्थान के प्रवक्ता जनक पोखरेल के अनुसार, ड्रॉइंग और मैपिंग के आधार पर तालाबों एवं पोखरों के किनारे बने संरचनाओं की निगरानी की गई। इस दौरान कई संरचनाओं को हटाया गया है। उन्होंने कहा कि डोजर का इस्तेमाल कर तत्काल संरचनाएं हटाने से आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त नुकसान की आशंका है। इसी कारण संबंधित लोगों को स्वयं अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया गया है।

अतिरिक्त समय जिन तालाबों और पोखरों के लिए दिया गया है, उनमें देमानपोखरी (चंद्रकूप), मध्यमा सर, रुक्मिणी सर, विडाल सर (विरही), गोंही पोखरी, ठाड़ी पोखरी, लावकी पोखरी (रजौल), कपालमोचनी सर, पुरंदर सर, लवकी पोखरी (जीरो माइल के उत्तर-पूर्व), लक्ष्मण सर (बलराम सर), पापमोचनी सर, अग्निकुंड सर, सीताकुंड सर और बिहारकुंड सहित अन्य तालाब शामिल हैं।

इम्प्लीमेंटेशन कमेटी ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अतिरिक्त अवधि के भीतर यदि अतिक्रमित संरचनाएं पूरी तरह नहीं हटाई गईं, तो गुठी संस्थान की ओर से उन्हें हटाने की कार्रवाई की जाएगी। संस्थान के अनुसार मैपिंग के आधार पर कुछ अतिक्रमित संरचनाओं को पहले ही हटाया जा चुका है।