-माता-पिता की याद में घर को बनाया चिड़ियाघर, बिना पिंजरे के रहते हैं पशु-पक्षी; मुर्गी-कबूतर की कई प्रजातियां
पटना/बांका।सम्वाददाता।
बिहार के बांका जिले में एक व्यक्ति ने अपने माता-पिता की याद में अपने घर को ही चिड़ियाघर ऐसा बना दिया है। यह बानगी जिले के धोरैया प्रखंड मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित बबुरा गांव की है।
रमेश कुमार राय ने अपने-माता-पिता की याद में अपने घर में कबूतर, बत्तख, हंस, मुर्गी, टर्की, कबूतर समेत कई पशु-पक्षी पाल रखे हैं। ढाई एकड़ में फैले घर के कैंपस के उन्होंने अपने माता-पिता की प्रतिमा भी लगवाई है। खास बात यह कि इनके पास लकवा, लोटन, गिरिवाज, सिराजी, मिराजी समेत अन्य प्रजातियों के कबूतर हैं। इसे उन्होंने कोलकाता और जयपुर से मंगवाया है।
इसी तरह देसी से लेकर चाइनीज बत्तख तक यहां आपको देखने को मिलेंगे। बंदर को रखने की व्यवस्था भी इन्होंने की है। मिराजी, चाइना, सिल्किट समेत दस प्रजातियों की मुर्गियां भी यहां पर हैं। पेशे से किसान रमेश बताते हैं कि उनके पिता को पशु-पक्षियों से बेहद प्यार था।
पिता से प्रेरित होकर वे भी पशु-पक्षियों को पालते हैं। किसी भी पशु-पक्षी को वे कैद नहीं रखते हैं। इन सभी पशु-पक्षियों की देखरेख भी वे खुद करते हैं। रमेश बताते हैं कि वे पशु-पक्षियों की बिक्री भी नहीं करते हैं। मांगने पर पशु-पक्षी प्रेमियों को पालने के लिए उपहार स्वरूप भले दे देते हैं।

रमेश राय ने कहा कि पिता धरीक्षण राय और माता सीता देवी की याद में उन्होंने इस पूरे कैंपस में पशु-पक्षियों को पालना शुरू किया है। वे बताते हैं कि उनके पिता को पेड़-पौधे और पशु-पक्षियों से बेहद लगाव था। पिता के कारण उन्हें भी पशु-पक्षियों से जुड़ाव होता गया। माता और पिता की मृत्यु के बाद उनकी यादों को जिंदा रखने के लिए तीन साल पूर्व इसपर काम शुरू किया। दो साल पूर्व कैंपस में माता-पिता की प्रतिमा स्थापित की गई है। हर पशु-पक्षियों को वह अपनी संतान की तरह मानते हैं। इसलिए मुर्गा से लेकर बत्तख, कबूतर और अन्य किसी पशु-पक्षियों को वह बेचते नहीं हैं।
रमेश राय ने कहा कि यहां पर कुछ और पशु-पक्षियों को वह पालना चाहते हैं। उनकी इच्छा बंदर और लंगूर पालने की है। वह अपने कैंपस में किसी भी पशु-पक्षी को ना तो बांध कर रखते हैं और ना ही पिंजड़े में बंदकर। इसके अलावा अगर कही पर उन्हें आसपास कोई पशु-पक्षी घायल भी दिख जाता है तो उसका भी वह उपचार कराते हैं।
रमेश राय के घर पर दूर-दराज से लोग भ्रमण के लिए पहुंचते हैं। आत्मा के उप परियाेजना निदेशक विपुल विप्लव बताते हैं कि उनके पास कुछ ऐसी ब्रीड की कबूतर है जिनकी कीमत 10 हजार रुपए जोड़े से भी अधिक है। इसी तरह बत्तख, मुर्गी की भी कई बेहतरीन ब्रीड यहां पर आप देख सकते हैं।













