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आध्यात्मिक प्रदर्शनी द्वारा किया जा रहा स्वर्णिम भारत की परमात्म-योजना से अवगत

-आध्यात्मिक प्रदर्शनी द्वारा किया जा रहा स्वर्णिम भारत की परमात्म-योजना से अवगत

उजियारपुर(समस्तीपुर)।: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, समस्तीपुर द्वारा रेल परिसर स्थित राम जानकी हनुमान मंदिर में तीन दिवसीय स्वर्णिम भारत नवनिर्माण आध्यात्मिक प्रदर्शनी एवं राजयोग मेडिटेशन शिविर का दीप प्रज्ज्वलन द्वारा उद्घाटन समस्तीपुर से पधारी ब्रह्माकुमारी सविता बहन, रायपुर पंचायत मुखिया अंजू देवी, जिला पार्षद् अरुण कुमार, प्रमुख व्यवसायी एवं समाजसेवी संजीत अग्रवाल, ओबीसी मोर्चा भाजपा अध्यक्ष राजनारायण सहनी व समस्तीपुर के आयकर अधिवक्ता डी. के. सिंह ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ओम प्रकाश भाई ने कहा कि वर्तमान समय स्वयं भारत भाग्य विधाता भगवान की स्वर्णिम भारत नवनिर्माण योजना चल रही है। इस योजना के तहत संपूर्ण भारत का कायाकल्प किया जाना है और इसे फिर से सोने की चिड़िया बनाना परमात्म-प्लैन है। जहां श्री लक्ष्मी श्री नारायण का एकछत्र राज्य होगा। उस दैवी दुनिया में चलने के लिए दैवी संस्कारों का सृजन करना आवश्यक है। भारत भूमि देवभूमि यूं ही नहीं कहलाती। एक समय यहां देवी-देवताओं का वास था।

चहूं ओर सुख-चैन की बंशी बजती थी। कालांतर में धीरे-धीरे करके देवी-देवताओं के दैवी संस्कार विलुप्त-प्राय हो गए और आसुरी संस्कारों का प्रभाव बढ़ता चला गया। ठीक वैसे ही जैसे सोने का जेवर बार-बार बनने पर उसमें अशुद्धि की मात्रा बढ़ती ही जाती है। ऐसे समय पर नई सतयुगी सृष्टि के सृजनकार, शिल्पकार व स्वर्णकार शिव भोलेनाथ मनुष्य आत्माओं के अंदर दैवी लक्षण जागृत करने का कार्य कर रहे हैं। भारतवर्ष में मनाया जाने वाला देवउठनी एकादशी पर्व इसी का यादगार है जब परमात्मा हमारे अंदर सोए हुए दैवी लक्षणों को फिर से जागृत कर रहे हैं। इसके लिए वे हमें हमारे अतीत की स्मृति दिलाकर हमें फिर से देवी-देवता बनने का लक्ष्य देते हैं। कहा गया है- जैसा लक्ष्य, वैसे लक्षण। उस लक्ष्य के आधार से हमारा पुरुषार्थ चलता है और हम देव समान बन जाते हैं। स्व परिवर्तन से विश्व परिवर्तन हो जाता है। यह वसुंधरा स्वर्णिम भारत बन जाती है। यह जन कल्याणकारी परमात्म-योजना अल्पावधि योजना है। इसमें तत्काल हिस्सेदारी आवश्यक है। उन्होंने संपूर्ण प्रखंड वासियों से इस प्रदर्शनी को देखने के लिए अपने समय की हिस्सेदारी देने का आह्वान किया।
सविता बहन ने सभी आगंतुक अतिथियों को प्रदर्शनी का दिव्य अवलोकन करवाया और समस्त उजियारपुर वासियों से इस ज्ञान-उजियारे में सत्य को देखने, जानने व समझने का अनुरोध किया।सोनिका बहन ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
सभी आगंतुक अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए ज्यादा से ज्यादा प्रखंड वासियों से इसका लाभ लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से समाजसेवी विनोद कुमार महतो, दलसिंहसराय के प्रमुख व्यवसायी सुशील कुमार चमड़िया सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।
यह नि:शुल्क आयोजन रविवार तक प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से सायं 6 बजे तक जनमानस के लाभार्थ चलता रहेगा।