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अद्भुत: धनबाद में सेवानिवृति के बाद भी जिले के 180 शिक्षकों का दर्ज है विभाग के खाते में नाम

-अद्भुत: धनबाद में सेवानिवृति के बाद भी जिले के 180 शिक्षकों का दर्ज है विभाग के खाते में नाम

धनबाद ।दिलीप।

सेवानिवृति के बाद भी जिले के सैकड़ों शिक्षक अभी विभागीय दस्तावेजों पर मौजूद है। ई-विद्यावाहिनी से अब तक ऐसे शिक्षकों का नाम नहीं हटाया गया है।इस बात की जानकारी समीक्षा बैठक के दौरान सामने आई है। धनबाद जिले की बात करें तो 180 शिक्षक-शिक्षिकाएं ऐसे हैं जिनका नाम ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर दिख रहा है। उन सेवानिवृत शिक्षकों का नाम अविलंब हटाने को कहा गया है। समीक्षा के दौरान जिले में शिक्षकों की उपस्थिति में पहले की तुलना में काफी सुधार हुआ है।
वहीं बच्चों की उपस्थिति पहले की तुलना में काफी कम हुई है। बच्चों की उपस्थिति में काफी सुधार की आवश्यकता है। विभागीय सचिव ने निर्देश देते हुए डीईओ और डीएसई कहा है कि बच्चों की कम उपस्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त करेंगे कि कहां और किस विद्यालय में बच्चों की उपस्थित कम हो रही है।


उपस्थिति कम होने का कारण क्या है। इससे संबंधित शिक्षकों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए इसकी जानकारी मुख्यालय को देंगे। जिले में सहायक शिक्षकों (पारा शिक्षक) के शैक्षणिक और प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्रों के जांच की स्थिति ठीक नहीं है। प्रमाण पत्रों के जांच पर सचिव ने नाराजगी जताई है। धनबाद जिले में एक भी टेट पास शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच अबतक नहीं कराई गई है।

प्रमाण पत्रों के जांच की स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले में 2575 सहायक शिक्षक है। जिसमें 76 प्रतिशत शिक्षकों के प्रामाण पत्रों की ही अब तक जांच हो पाई है। शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच नहीं होने के कारण उनके दो माह का वेतन लंबित है। शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच के लिए 30 सितंबर को अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी। लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं हो पाई है। सचिव ने इस संबंध में निर्देश दिया है कि प्रतिदिन इसकी समीक्षा की जाएगी और निदेशक को इसका प्रतिवेदन उपलब्ध कराएंगे।