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हम भारत माता के अमृत संतान हैं : डॉ. मोहन सिंह

-हम भारत माता के अमृत संतान हैं : डॉ. मोहन सिंह

भागलपुर।28 मई 2026, गुरुवार को भारती शिक्षा समिति बिहार एवं शिशु शिक्षा प्रबंध समिति बिहार के तत्वावधान में सैनिक स्कूल गणपत राय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित नवीन आचार्य प्रशिक्षण वर्ग एवं सेवा स्थायित्व प्रशिक्षण वर्ग के पांचवें दिन का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन वर्ग के प्रधानाचार्य सतीश कुमार सिंह, प्रांतीय कार्यालय प्रमुख एवं पूरीपीठ के शंकराचार्य द्वारा स्थापित वैदिक गणित प्रकोष्ठ पूरी अखिल भारतीय मंडली के सदस्य रामचंद्र आर्य तथा डॉ. रमेश मणि पाठक ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर-पूर्व क्षेत्र के क्षेत्र कार्यवाह डॉ. मोहन सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि आचार्य समाज और राष्ट्र के भविष्य निर्माता होते हैं तथा उन्हें ऐसे छात्रों का निर्माण करना चाहिए जो भारतीय संस्कृति, इतिहास और नैतिक मूल्यों से ओतप्रोत हों।

डॉ. मोहन सिंह ने कहा कि “हम भारत माता के अमृत संतान हैं। अपने देश में जन्म लेना हमारे लिए गौरव की बात है।” उन्होंने आचार्यों से आह्वान किया कि वे छात्रों को महापुरुषों एवं वीरांगनाओं के आदर्शों से प्रेरित करें, ताकि सीता-राम, राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती, स्वामी विवेकानंद और अहिल्याबाई होल्कर जैसे आदर्शों पर चलने वाली नई पीढ़ी तैयार हो सके। उन्होंने कहा कि तभी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का सपना साकार होगा।

वर्ग के प्रधानाचार्य सतीश कुमार सिंह ने विद्यालय में आयोजित होने वाली मासांत बैठक की विस्तृत जानकारी दी। वहीं बांका के विभाग निरीक्षक ब्रह्मदेव प्रसाद ने विद्यालय में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी साझा की। रामचंद्र आर्य ने वैदिक गणित तथा धरणीकांत पांडेय ने भारतीय ज्ञान परंपरा पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम में अतिथियों का परिचय उमाशंकर पोद्दार ने कराया। इस अवसर पर पूर्णकालिक वीरेंद्र कुमार, गंगा चौधरी, परमेश्वर कुमार, लाल बाबू प्रसाद, राकेश पांडेय, जीवन राठौर, शंभू कुमार, सुशील कुमार, संजय कुमार, जितेंद्र प्रसाद, शशि भूषण मिश्र, रिचा कुमारी, अनीता सिन्हा, राखी कुमारी, रिंकू कयाल सहित सभी प्रशिक्षणार्थी आचार्य उपस्थित रहे।