Advertisement

सर्वधर्म प्रार्थना और संकल्प सभा आयोजित

सर्वधर्म प्रार्थना और संकल्प सभा आयोजित

मुजफ्फरपुर।दीपक तिवारी।

गांधी शांति प्रतिष्ठान, मुजफ्फरपुर केंद्र के तत्वावधान में बुधवार को महात्मा गांधी की 155वीं जयंती के अवसर पर सर्वधर्म प्रार्थना और संकल्प सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शहर के बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, और गांधीजनों ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम का आयोजन लंगट सिंह कॉलेज के गांधी उद्यान में किया गया, जहां गांधी प्रतिमा के निकट सभी उपस्थित लोगों ने सर्वधर्म प्रार्थना की और गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। महात्मा गांधी के प्रिय भजन “वैष्णव जन तो तेणे कहिए…” का सामूहिक गायन भी किया गया। इसके साथ ही शांति पाठ का भी आयोजन हुआ। प्रार्थना की अगुवाई समाजकर्मी रंजीत कुमार ने की।

सभा को संबोधित करते हुए जेपी आंदोलन के प्रमुख सिपाही डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा, “गांधी विचार अमर है और पूरी दुनिया इसे स्वीकार करती है, क्योंकि गांधी का दर्शन मानवता की रक्षा के लिए सत्य, अहिंसा, और शांति को केंद्र में रखता है।” उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब समाज में नफरत की आवाजें सुनाई दे रही हैं, गांधी का मार्ग ही देश को एकजुट और खुशहाल बना सकता है।

 

लंगट सिंह कॉलेज के प्राचार्य प्रो. ओमप्रकाश राय ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि गांधी ने जिन सात पापों की बात की थी, उनसे छात्रों को अपने को बचाने की आवश्यकता है, क्योंकि वे ही भारत का भविष्य हैं। वहीं, पूर्व प्राचार्य प्रो. विजय कुमार जायसवाल ने गांधी को एक महान पर्यावरणविद् के रूप में याद किया और कहा कि गांधी ने प्रकृति के साथ सदैव समन्वय की बात की।

पूर्व कुलपति प्रो. प्रसून कुमार राय ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “आज के दौर में गांधी सबसे अधिक प्रासंगिक हैं और दुनिया की रक्षा गांधी के रास्ते पर चलकर ही हो सकती है।” इसी क्रम में पूर्व प्राचार्य हरिनारायण ठाकुर ने कहा कि दुनिया में शांति और सद्भावना की आखिरी उम्मीद गांधी के विचारों में ही दिखाई देती है।

गांधी शांति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार सिंह ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में विवेकानंद और गांधी के युवाओं के प्रति विचारों को दोहराते हुए कहा कि गांधी ने युवाओं को समाज से जुड़ने और उसकी समस्याओं को समझने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम का संचालन गांधी शांति प्रतिष्ठान के सचिव अरविंद वरुण ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कृष्ण मोहन ने किया। कार्यक्रम में रमेश चंद्र, प्रो. देवव्रत अकेला, प्रो. राकेश कुमार सिंह, डॉ. श्याम कल्याण, पर्यावरणविद् सुरेश गुप्ता समेत कई अन्य प्रमुख व्यक्तियों ने भाग लिया।