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वेनेजुएला में भूकंप का कहर: दो शक्तिशाली झटकों से दहला देश, भारी तबाही की आशंका

-वेनेजुएला में भूकंप का कहर: दो शक्तिशाली झटकों से दहला देश, भारी तबाही की आशंका

वेनेजुएला। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में बुधवार शाम (भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह) आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने व्यापक तबाही मचा दी। कुछ ही सेकंड के अंतराल पर आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंपों ने राजधानी कराकस समेत कई शहरों को हिलाकर रख दिया। भूकंप के बाद पूरे देश में दहशत, अफरा-तफरी और भय का माहौल कायम हो गया है।
अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र राजधानी कराकस से लगभग 290 किलोमीटर पश्चिम में स्थित था। झटके इतने तीव्र थे कि कई बहुमंजिला इमारतें, आवासीय मकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान धराशायी हो गए। कई इलाकों में मलबे के ढेर लग गए और लोग जान बचाने के लिए घरों एवं इमारतों से बाहर निकल आए।


स्थानीय प्रशासन और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कराकस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की छत का एक बड़ा हिस्सा भी ढह गया, जिससे वहां अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। हादसे के बाद आसमान में धूल का विशाल गुबार छा गया। कई क्षेत्रों में बिजली और संचार सेवाएं भी ठप हो गई हैं, जिससे राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कार्यवाहक राष्ट्रपति ने पूरे देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक मृतकों और घायलों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की गई है, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्टों में भारी जनहानि की आशंका जताई जा रही है।
यूएसजीएस की प्रारंभिक आकलन रिपोर्ट के अनुसार, इस स्तर के शक्तिशाली भूकंप में बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान की संभावना रहती है। रिपोर्ट में 10,000 से अधिक मौतों की आशंका 44 प्रतिशत तथा एक लाख से अधिक मौतों की संभावना लगभग 30 प्रतिशत तक बताई गई है, जो आपदा की गंभीरता को दर्शाती है।
स्थानीय मीडिया का दावा है कि यह पिछले 126 वर्षों में वेनेजुएला में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप है। इससे पहले वर्ष 1900 में 7.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था, जिसने भी व्यापक तबाही मचाई थी।
फिलहाल सेना, आपदा प्रबंधन एजेंसियां और राहत दल मलबे में दबे लोगों को निकालने और प्रभावित क्षेत्रों तक सहायता पहुंचाने में जुटे हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी हालात पर नजर बनाए हुए है। वेनेजुएला इस समय अपनी हालिया इतिहास की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है।