-विक्रमशिला सेतु संकट के बीच बड़ी राहत, गंगा पर बनेगा 4 किमी लंबा हाईटेक ट्रस ब्रिज
भागलपुर। बिहार में गंगा नदी पर बने ऐतिहासिक विक्रमशिला सेतु को लेकर जारी संकट के बीच अब करोड़ों लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण लाइफलाइन के समानांतर अब एक अत्याधुनिक ट्रस ब्रिज बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। माना जा रहा है कि यह नया पुल न केवल बंद पड़े पुराने सेतु का मजबूत विकल्प बनेगा, बल्कि बिहार के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का नया प्रतीक भी साबित होगा।
सूत्रों के अनुसार इस मेगा प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी सीमा सड़क संगठन को सौंपी गई है। कठिन और चुनौतीपूर्ण इलाकों में पुल निर्माण के लिए मशहूर यह एजेंसी अब गंगा नदी पर करीब चार किलोमीटर लंबे हाईटेक ट्रस ब्रिज का निर्माण करेगी। प्रशासन का मानना है कि जब तक पुराने विक्रमशिला सेतु की मरम्मत का कार्य चलता रहेगा, तब तक यह नया पुल करोड़ों लोगों के लिए मजबूत संपर्क मार्ग का काम करेगा।
दरअसल, भागलपुर की पहचान बन चुके विक्रमशिला सेतु की स्थिति हाल के दिनों में बेहद चिंताजनक हो गई थी। बीते 3 और 4 मई की रात पिलर नंबर 133 के पास पुल का एक बड़ा स्लैब अचानक गंगा नदी में गिर गया था। इस घटना के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच सीधा संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया। सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लगभग 16 जिलों का भागलपुर से संपर्क टूटने के कारण आम लोगों, व्यापारियों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इसी संकट के बीच सरकार ने आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक से लैस नए ट्रस ब्रिज को मंजूरी दे दी है। इंजीनियरों के मुताबिक पुल की नींव को मजबूत बनाने के लिए “वेल फाउंडेशन तकनीक” का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके तहत गंगा नदी के तल में गहराई तक विशाल कंक्रीट पिलर स्थापित किए जाएंगे, ताकि तेज जल प्रवाह, भारी वाहनों के दबाव और बाढ़ जैसी परिस्थितियों में भी पुल पूरी तरह स्थिर बना रहे।
इस ब्रिज की सबसे बड़ी विशेषता इसकी ट्रस संरचना होगी। पूरी डिजाइन स्टील के त्रिकोणीय ढांचों पर आधारित रहेगी। इंजीनियरिंग विशेषज्ञों के अनुसार त्रिभुजाकार संरचना किसी भी भार को पूरे पुल में समान रूप से वितरित करती है, जिससे किसी एक हिस्से पर अधिक दबाव नहीं पड़ता। यही कारण है कि ट्रस ब्रिज को अधिक टिकाऊ, संतुलित और आपदा के समय सुरक्षित माना जाता है। दुनिया भर में सेना और आपदा प्रबंधन एजेंसियां इसी तकनीक पर सबसे अधिक भरोसा करती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह नया पुल भागलपुर, कोसी और सीमांचल क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। मालवाहक वाहनों की आवाजाही आसान होगी, व्यापार को मजबूती मिलेगी और लोगों को लंबे जाम से राहत मिल सकेगी। प्रशासन का लक्ष्य इस परियोजना को युद्धस्तर पर पूरा करना है, ताकि भविष्य में उत्तर और दक्षिण बिहार का संपर्क कभी बाधित न हो।
अब पूरे बिहार की निगाहें इस हाईटेक ट्रस ब्रिज परियोजना पर टिकी हैं, जिसे आने वाले समय में विकास, सुरक्षा और आधुनिक इंजीनियरिंग का बड़ा प्रतीक माना जा रहा है।











