-राजापाकर में पशु बांझपन शिविर आयोजित, 179 पशुओं का हुआ इलाज व दवा वितरण
राजापाकर/संवाददाता (संजय श्रीवास्तव)। राजापाकर दक्षिणी पंचायत के सामुदायिक भवन परिसर में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार सरकार द्वारा “आत्मनिर्भर बिहार – सात निश्चय 3” के अंतर्गत एक दिवसीय पशु बांझपन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य पशुपालकों को बेहतर पशु स्वास्थ्य प्रबंधन की सुविधा उनके द्वार तक पहुंचाना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड प्रमुख ललिता देवी ने फीता काटकर किया। शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे पशुपालकों को गाय एवं भैंस में होने वाली बांझपन समस्या के निदान के लिए विशेषज्ञों द्वारा परामर्श दिया गया तथा निशुल्क दवाओं का वितरण भी किया गया।
पशु चिकित्सक डॉ. अदिति, डॉ. गणेश शंकर विद्यार्थी एवं डॉ. अंकिता कुमारी ने बताया कि गाय-भैंस में बांझपन की समस्या मुख्य रूप से पोषण की कमी, संतुलित आहार के अभाव एवं उचित देखभाल नहीं होने के कारण उत्पन्न होती है। उन्होंने कहा कि केवल चोकर और भूसा देने से पशुओं को आवश्यक विटामिन नहीं मिल पाता, जिससे यह समस्या बढ़ती है।
विशेषज्ञों ने पशुपालकों को सलाह दी कि वे हर तीन माह पर कृमिनाशक दवा दें, मिनरल मिक्सर पाउडर का उपयोग करें तथा हरे चारे का समुचित प्रबंध करें, ताकि पशु स्वस्थ रहें और उत्पादन क्षमता बढ़े।

शिविर में कुल 53 पशुपालकों के 179 पशुओं का इलाज किया गया तथा विभिन्न बीमारियों जैसे भूख न लगना, कृमि संक्रमण, अठौल एवं घाव आदि के लिए दवाओं का वितरण किया गया। साथ ही कई पशुओं की मौके पर जांच कर आवश्यक उपचार एवं परामर्श दिया गया।
पशु चिकित्सकों ने जानकारी दी कि आगामी 13 अप्रैल (सोमवार) को रामपुर रत्नाकर उर्फ सरसई पंचायत के फतेहपुर फुलवरिया गांव में भी इसी प्रकार का पशु बांझपन शिविर आयोजित किया जाएगा। उन्होंने पशुपालकों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इसका लाभ उठाने की अपील की।
इस अवसर पर समाजसेवी नथुनी प्रसाद सिंह, कृषि सलाहकार देवेंद्र सिंह, पैक्स अध्यक्ष जयपत सिंह, रामेश्वर सिंह, पाराभेंट कर्मी विनोद कुमार गुप्ता तथा पशु टीकाकर्मी विशंभर कुमार, शत्रुघन राम, नरहुल शिकारी, बिरजू कुमार, आदित्य कुमार, राजू कुमार, अमन कुमार सहित कई गणमान्य लोग एवं पशुपालक उपस्थित रहे।










