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राजस्थान में 1.4 करोड़ परिवारों को हर महीने मुफ्त अन्नपूर्णा किट, सीएम बोले- ये योजनाएं मुफ्तखोरी नहीं

-राजस्थान में 1.4 करोड़ परिवारों को हर महीने मुफ्त अन्नपूर्णा किट, सीएम बोले- ये योजनाएं मुफ्तखोरी नहीं

जयपुर। एजेंसी।

राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार 1.4 करोड़ से ज्यादा परिवारों को हर महीने मुफ्त अन्नपूर्णा किट देगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री नि:शुल्क अन्नपूर्णा खाद्य पैकेट योजना शुरू की है, जिसके बाद याजना का लाभ उठाने वाले परिवारों को हर महीने मुफ्त अन्नपुरा किट मिलेगी जिसमें भोजन पैकेट में दाल, चीनी, नमक, खाद्य तेल, मिर्च, धनिया और हल्दी शामिल होगी।
मुख्यमंत्री नि:शुल्क अन्नपूर्णा खाद्य पैकेट योजना मंगलवार को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लॉन्च की गई। योजना के लॉन्च के मौके पर बोलते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार जनता को ज्यादा से ज्यादा राहत देने के इरादे से अपने फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत राज्य के 1.04 करोड़ से अधिक परिवारों को हर महीने मुफ्त अन्नपूर्णा भोजन पैकेट बांटे जाएंगे।

सीएम अशोक गहलोत ने राजधानी जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में इस योजना के शुभारंभ करते हुए वहां मौजूद लोगों को संबोधित किया और लाभार्थियों को भोजन के पैकेट बांटे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीबों को ध्यान में रखकर फैसले ले रही है, जिसकी चर्चा अब पूरे देश में हो रही है।
ये जनकल्याणकारी योजनाएं मुफ्तखोरी नहीं हैं- सीएम
उन्होंने कहा, “राज्य सरकार ने तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारकर आम जनता को राहत ही है। ये जनकल्याणकारी योजनाएं मुफ्तखोरी नहीं हैं, बल्कि यह आम जनता के प्रति लोकतांत्रिक सरकार की जिम्मेदारी हैं। ‘कोई भूखा न सोए’ के ​​संकल्प को साकार करने की दिशा में, इस अन्नपूर्णा खाद्य पैकेट में एक किलोग्राम चना दाल, चीनी और आयोडीन युक्त नमक, एक लीटर सोयाबीन रिफाइंड खाद्य तेल, 100 ग्राम मिर्च पाउडर और धनिया पाउडर और हल्दी 50 ग्राम शामिल हैं, जो पीओएस मशीन के जरिए मुफ्त दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में अधिकतम सीमा निर्धारित किये जाने से कई जरूरतमंद परिवार वंचित रह जाते हैं। कोरोना के दौरान निराश्रित परिवारों के सर्वेक्षण के बाद लगभग 32 लाख एनएफएसए और गैर-एनएफएसए परिवारों को 5,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।

उन्होंने कहा कि जिन गैर एनएफएसए परिवारों को कोरोना के दौरान आर्थिक सहायता दी गई थी, उन्हें भी अन्नपूर्णा राशन किट योजना में निःशुल्क राशन किट उपलब्ध करायी जायेगी। सीएम ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि राशन वितरण को बार-बार छह महीने बढ़ाने की बजाय इसे नियमित तरीके से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्नपूर्णा भोजन पैकेट वितरित करने वाले राशन डीलरों का कमीशन 4 रुपये प्रति पैकेट से बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है।

न्यूनतम आय, स्वास्थ्य के अधिकार की गारंटी का कानून
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि राज्य में नये जिले बनाये गये हैं, जिससे प्रशासनिक एवं वित्तीय कामों में तेजी आयेगी। “राज्य में न्यूनतम आय और स्वास्थ्य के अधिकार की गारंटी का कानून बनाया गया है, जो देश के किसी भी राज्य में नहीं है। गिग वर्कर्स के कल्याण और सुरक्षा के लिए कानून बनाया गया है।”

उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने पर पूरे देश में चर्चा हो रही है। प्रदेश में एक करोड़ लोगों को न्यूनतम 1000 रूपये प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जा रही है। इसके अलावा हर साल 15 फीसदी की ऑटो बढ़ोतरी का भी प्रावधान किया गया है। इंदिरा गांधी स्मार्टफोन योजना के तहत पहले चरण में 40 लाख लड़कियों और महिलाओं को स्मार्टफोन दिए जा रहे हैं।

गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार 2030 तक राजस्थान को अग्रणी राज्यों की लिस्ट में शामिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसमें प्रदेश के सभी लोगों की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि मिशन 2030 की औपचारिक शुरुआत जल्द ही होगी और एक विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि राज्य सभी क्षेत्रों में आगे बढ़े।