-मुजफ्फरपुर में विधायक बनाम युवक विवाद ने पकड़ा तूल, वायरल वीडियो से बिहार की सियासत गरमाई
मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur से सामने आए एक हाई-वोल्टेज विवाद ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर बीजेपी विधायक Ranjan Kumar और स्थानीय युवक Mukund Tiwari के बीच शुरू हुआ विवाद अब मारपीट, पुलिस केस और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।
आरोप है कि विधायक रंजन कुमार अपने कई समर्थकों के साथ कनहौली निवासी मुकुंद तिवारी के घर और दुकान पर पहुंचे, जहां पहले कहासुनी हुई और फिर मामला मारपीट तक पहुंच गया। मुकुंद तिवारी का दावा है कि विधायक ने उनसे पूछा, “हमरे खिलाफ क्या लिखता है?” इसके बाद गाली-गलौज शुरू हुई और समर्थकों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। युवक ने आरोप लगाया कि मारपीट में उसका सिर फट गया, मोबाइल फोन तोड़ दिया गया और सोने की चेन भी छीन ली गई।

घटना के बाद घायल युवक की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। मामले को लेकर यह सवाल भी उठने लगे हैं कि यदि सोशल मीडिया पोस्ट आपत्तिजनक थी तो कानूनन कार्रवाई के बजाय सीधे मौके पर पहुंचकर विवाद क्यों किया गया।
वहीं विधायक रंजन कुमार ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है। विधायक का कहना है कि मुकुंद तिवारी लगातार सोशल मीडिया पर उनकी राजनीतिक और निजी छवि खराब करने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि युवक ने उन्हें जान से मारने और AK-47 से भून देने तक की धमकी दी थी। विधायक के अनुसार इसी मामले में पहले मुकुंद पर एफआईआर दर्ज हुई थी और उसकी गिरफ्तारी भी हुई, हालांकि बाद में उसे कोर्ट से जमानत मिल गई।
घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की जांच में जुटी हुई है। इस बीच विपक्ष ने भी मामले को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। Tejashwi Yadav ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए एनडीए सरकार और पुलिस कार्रवाई पर निशाना साधा है।
फिलहाल यह मामला बिहार की राजनीति में “पोस्ट बनाम पावर” की बहस का केंद्र बन गया है। अब सबकी नजर पुलिस जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।












