-मुजफ्फरपुर में अपराध पर सख्त हुए एसएसपी, थानेदारों को चेतावनी; लापरवाही पर होगी कार्रवाई
मुजफ्फरपुर। जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मुजफ्फरपुर पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। रात्री गश्ती व्यवस्था की समीक्षा के बाद शुक्रवार को वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कांतेस कुमार मिश्रा ने जिले के सभी पुलिस अधिकारियों के साथ अहम समीक्षा बैठक कर अपराध नियंत्रण को लेकर सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि थाना क्षेत्रों में बढ़ते अपराध पर हर हाल में अंकुश लगाया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शुक्रवार सुबह मैरीन ड्राइव स्थित कार्यालय में आयोजित बैठक में सिटी एसपी मोहिबुल्ला अंसारी, ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर, टाउन डीएसपी सुरेश कुमार सहित जिले के सभी डीएसपी, इंस्पेक्टर और थाना प्रभारी मौजूद रहे।
बैठक में जिले की कानून-व्यवस्था, लंबित कांडों के निष्पादन, कुर्की की कार्रवाई, शहर की ट्रैफिक व्यवस्था तथा आगामी श्रावणी मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। एसएसपी ने अधिकारियों को लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक के दौरान हाल के दिनों में हुई रात्री गश्ती की समीक्षा भी की गई। इससे पहले सिटी एसपी और ग्रामीण एसपी ने विभिन्न क्षेत्रों में रात्री गश्ती व्यवस्था का निरीक्षण कर पुलिस की सक्रियता का जायजा लिया था। अब थाना स्तर पर कार्यों की समीक्षा करते हुए बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों की सराहना की गई, जबकि कार्य में लापरवाही बरतने वाले कई थानेदारों को कड़ी फटकार भी लगाई गई।
एसएसपी कांतेस कुमार मिश्रा ने कहा कि अपराध की रोकथाम, प्रभावी गश्ती और आम नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास कायम रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पिछले महीने हुई प्रमुख आपराधिक घटनाओं की जांच में तेजी लाई जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने आगामी श्रावण मास को देखते हुए मंदिरों, प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करने तथा ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने के भी निर्देश दिए।
मुजफ्फरपुर पुलिस की इस सख्ती को अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब यह देखना होगा कि एसएसपी के स्पष्ट निर्देशों के बाद थाना स्तर पर पुलिसिंग कितनी प्रभावी होती है और अपराधियों पर कितनी तेजी से शिकंजा कसता है।












