-मां मुंडेश्वरी धाम को मिलेगी वैश्विक पहचान, हेलीपैड और रोप-वे निर्माण की घोषणा; कैमूर को 196 करोड़ की सौगात
कैमूर/पटना, 16 जून। दीपक कुमार तिवारी।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को कैमूर जिले के भगवानपुर प्रखंड स्थित मां मुंडेश्वरी धाम पहुंचकर विकास और पर्यटन को नई दिशा देने वाली कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि मां मुंडेश्वरी धाम को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यहां हेलीपैड और रोप-वे का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही मंदिर परिसर का जीर्णोद्धार, जंगल सफारी और इको टूरिज्म को भी विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवानपुर प्रखंड के पहाड़िया पंचायत स्थित मां मुंडेश्वरी धाम धर्मशाला के समीप आयोजित सहयोग शिविर कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने ऊर्जा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, ग्रामीण विकास, राजस्व एवं भूमि सुधार, पंचायती राज और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग समेत विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा आम लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने आवेदकों को भरोसा दिलाया कि उनके आवेदन 30 दिनों के भीतर निष्पादित किए जाएंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से 196.06 करोड़ रुपये लागत की 60 विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इनमें 162.69 करोड़ रुपये की 20 योजनाओं का शिलान्यास तथा 33.36 करोड़ रुपये की 40 योजनाओं का उद्घाटन शामिल है। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभुकों को जमीन बंदोबस्ती प्रमाण पत्र, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना से संबंधित स्वीकृति पत्र व सांकेतिक चेक भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के लिए 19 मई से सहयोग शिविर कार्यक्रम चला रही है। अब तक राज्यभर में 3 लाख 3 हजार 678 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 2 लाख 61 हजार 628 आवेदनों का 30 दिनों के भीतर निष्पादन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि आवेदन के निस्तारण में देरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की व्यवस्था की गई है। अब तक 8,942 पदाधिकारियों को पहला नोटिस, 153 को दूसरा और एक पदाधिकारी को तीसरा नोटिस जारी किया गया है। 30 दिनों में निष्पादन नहीं होने पर संबंधित अधिकारी स्वतः निलंबित हो जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में भी बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि बिहार के सभी 534 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। जिन 211 प्रखंडों में अभी डिग्री कॉलेज नहीं हैं, वहां जुलाई से पढ़ाई शुरू कराई जाएगी। साथ ही सभी प्रखंडों में सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में मॉडल स्कूल स्थापित करने की दिशा में कार्य चल रहा है।
ऊर्जा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर परिवार को सोलर युक्त बनाने के लिए काम कर रही है। लोगों की छतों पर बिना किसी खर्च के सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जिससे अगले 25 वर्षों तक मुफ्त बिजली मिल सकेगी। यदि 125 यूनिट से अधिक बिजली उत्पादन होता है तो सरकार अतिरिक्त बिजली खरीदकर राशि लाभुकों के बैंक खाते में भेजेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां ताराचंडी और मां मुंडेश्वरी से जुड़ा यह क्षेत्र धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां हेलीपैड विकसित किया जाएगा ताकि श्रद्धालु और पर्यटक आसानी से पहुंच सकें। उन्होंने घोषणा की कि बरसात के बाद रोप-वे निर्माण कार्य का शिलान्यास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बिहार में उद्योग लगाने के लिए आवेदन देने वाले निवेशकों को 30 दिनों के भीतर क्लीयरेंस मिलेगा। साथ ही शिक्षकों के तबादले की नई नीति पर भी काम चल रहा है, जिसके तहत महिला शिक्षकों को गृह पंचायत के निकट और पुरुष शिक्षकों को गृह प्रखंड के समीप पदस्थापित करने की व्यवस्था की जाएगी।
मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार कैमूर पहुंचे सम्राट चौधरी ने सबसे पहले मां मुंडेश्वरी भवानी मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर न्यास समिति और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिह्न भेंटकर उनका स्वागत किया।
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा एवं विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. जमा खान, विधायक भरत बिंद, विधायक संगीता कुमारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।











