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बिहार में बाढ़ से 10.26 लाख लोग प्रभावित, 1.21 लाख लोगों को कराया गया भोजन

-बिहार में बाढ़ से 10.26 लाख लोग प्रभावित, 1.21 लाख लोगों को कराया गया भोजन

पटना, 5 सितंबर 2026। बिहार में नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 11 जिलों पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अरवल के 50 प्रखंडों की 201 पंचायतों में करीब 10.26 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।

बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित आवागमन और स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में 50 चिकित्सा शिविर, 19 वोट एम्बुलेंस और 36 पशु चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं। प्रभावित एवं विस्थापित लोगों के आवागमन तथा निष्क्रमण के लिए 858 नावों का परिचालन कराया जा रहा है। प्रभावित परिवारों के बीच अब तक 12 हजार से अधिक पॉलीथीन शीट और करीब 2300 ड्राई राशन पैकेट का वितरण किया जा चुका है।

बाढ़ पीड़ितों को दो समय गर्म भोजन उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न जिलों में 38 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से अब तक करीब 1.21 लाख लोगों को भोजन कराया जा चुका है। वैशाली जिले में एक राहत शिविर भी संचालित किया जा रहा है, जहां करीब 326 बाढ़ पीड़ितों के लिए आवासन, भोजन और चिकित्सा समेत अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

संभावित खतरों से निपटने के लिए एनडीआरएफ की सात और एसडीआरएफ की 27 टीमें विभिन्न प्रभावित जिलों में तैनात की गई हैं। पटना के गांधीघाट में गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर, बंका घाट में 49.45 मीटर और पंडारक में 43.79 मीटर दर्ज किया गया है। इन स्थानों पर गंगा का जलस्तर सर्वोच्च जलस्तर यानी एचएफएल से ऊपर बह रहा है। वहीं गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और घाघरा नदियां भी विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

सारण जिले के त्रिलोकचक में माही नदी का तटबंध करीब 20 मीटर तक क्षतिग्रस्त हुआ है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर एसडीआरएफ की टीम भेजी गई है। वाल्मीकिनगर बराज पर गंडक नदी का जलस्राव 1.26 लाख क्यूसेक, बीरपुर बराज पर कोसी नदी का जलस्राव 1.77 लाख क्यूसेक और इन्द्रपुरी बराज पर सोन नदी का जलस्राव 3.07 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया है।

बिहार मौसम सेवा केंद्र ने अगले दो दिनों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है।

पटना में बारिश के दौरान जलजमाव रोकने के लिए शहर के सभी 56 डीपीएस चालू किए गए हैं। पटना नगर निगम के छह अंचलों में जलनिकासी के लिए 94 अतिरिक्त पंप भी लगाए गए हैं। पटना और दानापुर कैनाल में जल संसाधन विभाग की ओर से डिस्चार्ज बंद किया जा रहा है, ताकि शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव न पड़े। गंगा से नालों में बैक फ्लो रोकने के लिए 13 छोटे नालों पर स्लूस गेट बंद किए गए हैं और नालों से पानी की निकासी के लिए पंप सेट लगाए जा रहे हैं।

आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से किसी भी आपातकालीन स्थिति में राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क करने की अपील की है।