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बिहार में अब स्टेट हाईवे पर भी लगेगा टोल टैक्स

-बिहार में अब स्टेट हाईवे पर भी लगेगा टोल टैक्स

-मुजफ्फरपुर से गुजरने वाले SH-74 और SH-86 का चयन

मुजफ्फरपुर। नेशनल हाईवे के बाद अब बिहार में स्टेट हाईवे (एसएच) और महत्वपूर्ण पुलों पर भी टोल टैक्स की वसूली की तैयारी शुरू हो गई है। पथ निर्माण विभाग ने इसके लिए राज्य के कई महत्वपूर्ण मार्गों का चयन किया है, जिनमें मुजफ्फरपुर से होकर गुजरने वाले एसएच-74 और एसएच-86 भी शामिल हैं।
विभाग द्वारा दोनों स्टेट हाईवे पर कैमरे लगाकर ट्रैफिक सर्वे कराया जा रहा है। इस सर्वे का उद्देश्य प्रतिदिन गुजरने वाले वाहनों की संख्या और यातायात के दबाव का आकलन करना है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर टोल वसूली के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पथ निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव अंजनी कुमार ने सभी जिलों को इस संबंध में पहले ही अवगत करा दिया है। विभाग के अनुसार, राज्य सरकार बिहार रोड यूजर फी-2026 नियमावली के गठन की प्रक्रिया में जुटी हुई है। अगले एक माह के भीतर सक्षम प्राधिकार से इसकी स्वीकृति मिलने की संभावना है, जबकि तीन माह के अंदर टोल वसूली की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।


जानकारी के अनुसार, एसएच-74 वैशाली से अरेराज तक तथा एसएच-86 मोतीपुर से साहेबगंज की ओर जाती है। इन दोनों मार्गों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में भारी वाहन और अन्य राज्यों के वाहन गुजरते हैं, जिससे इन्हें टोल वसूली के लिए उपयुक्त माना गया है।
विभाग फिलहाल स्टेट हाईवे पर टोल वसूली की व्यवस्था लागू करने पर काम कर रहा है। इसके परिणामों के आधार पर आगे महत्वपूर्ण पुलों और अन्य प्रमुख सड़कों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। टोल वसूली के लिए एजेंसियों का चयन टेंडर के माध्यम से होगा और प्राप्त राशि सीधे राज्य सरकार के खाते में जमा की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, टोल दरें तय करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के फार्मूले का उपयोग किया जाएगा। वाहन के प्रकार और तय दूरी के आधार पर यह शुल्क 15 से 35 रुपये या उससे अधिक हो सकता है। वहीं, टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय निवासियों को शुल्क में छूट देने का भी प्रावधान किया जा सकता है।
राज्य सरकार के इस कदम से सड़क रखरखाव और आधारभूत संरचना विकास के लिए अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, टोल लागू होने के बाद स्थानीय लोगों और वाहन चालकों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा, इस पर भी चर्चा शुरू हो गई है।