-बिहार-झारखंड रेलखंड पर 176 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन, हाई-स्पीड ट्रायल ने बढ़ाई धड़कनें
पटना/गया। बिहार-झारखंड रेलखंड पर रफ्तार का ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने लोगों को हैरान कर दिया। दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (डीडीयू) से गया जंक्शन होते हुए प्रधानखांटा तक ट्रेन का हाई-स्पीड ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इस दौरान ट्रेन की रफ्तार 176 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जो सामान्य ट्रेनों की तुलना में काफी अधिक है।
इस हाई-वोल्टेज ट्रायल के दौरान पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी ट्रेन में मौजूद रहे। पूरे ट्रायल को अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली के तहत संचालित किया गया, जिसमें ट्रैक, सिग्नल और सुरक्षा से जुड़े हर पहलू की गहन जांच की गई।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस रेलखंड पर ट्रेनों को 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने की तैयारी की जा रही है।

पहले डाउन लाइन पर डीडीयू से गया होते हुए प्रधानखांटा तक परीक्षण किया गया, इसके बाद अप लाइन से वापस डीडीयू तक निरीक्षण किया गया। यह ट्रायल भविष्य में तेज रफ्तार ट्रेनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
हालांकि, इस तेज रफ्तार के साथ खतरे भी बढ़ गए हैं। रेलवे प्रशासन ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए लोगों से अपील की है कि ट्रायल के दौरान रेलवे ट्रैक के आसपास न जाएं। मवेशियों को भी रेल लाइन से दूर रखने की हिदायत दी गई है। समपार फाटकों पर दिए गए संकेतों का पालन करना अनिवार्य बताया गया है।
रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की लापरवाही की स्थिति में होने वाले हादसे के लिए संबंधित व्यक्ति स्वयं जिम्मेदार होगा। ऐसे में जरा सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है। यह हाई-स्पीड ट्रायल जहां आधुनिक और तेज रेल सेवा की दिशा में बड़ा कदम है, वहीं आम लोगों के लिए सतर्कता का कड़ा संदेश भी है—अब पटरी के पास जाना पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक हो गया है।












