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पदाधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करें, अधिनस्थ कर्मियों पर निर्भरता कम करें : आयुक्त

चंपारण की खबर::

-पदाधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करें, अधिनस्थ कर्मियों पर निर्भरता कम करें : आयुक

– पूर्वी एवं पश्चिमी चम्पारण जिला में लोकसभा निर्वाचन 2024 की तैयारियों की हुई समीक्षा

मोतिहारी/ राजन द्विवेदी।

समाहरणालय परिसर स्थित डॉ राजेन्द्र प्रसाद भवन सभागार में आज तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गोपाल मीणा एवं बेतिया प्रक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक जयंत कांत ने संयुक्त रूप से पूर्वी चम्पारण एवं पश्चिमी चम्पारण के डीएम एवं एसपी तथा बगहा एसपी (पश्चिमी चम्पारण) के साथ लोक सभा आम निर्वाचन-2024 की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान दोनों जिलों के विधानसभाओं के सहायक निर्वाची पदाधिकारी सहित कोषांगों के नोडल पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
समीक्षा बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों को सम्बोधित करते हुए आयुक्त ने कहा कि पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। सभी कार्यों को खुद से करें और उस पर नजर बनाये रखें। अधीनस्य कर्मियों पर निर्भरता कम रखनी होगी। निर्वाचन के सभी कार्य महत्वपूर्ण होते हैं और निर्धारित समय पर पूर्ण करने होते हैं। पदाधिकारी और कर्मी आदर्श आचार संहिता का पूर्ण अनुपालन करें। आयुक्त ने कहा कि वैसे किसी भी पार्टी या उत्सव में नही जाएं जहां राजनैतिक लोगों का आगमन हो। अपने को बिलकुल निष्पक्ष रखें।समीक्षा के दौरान आयुक्त के द्वारा एक-एक कर सभी सहायक निर्वाची पदाधिकारियों से निर्वाचन कार्यों की जानकारी प्राप्त की गयी। आयुक्त श्री मीणा ने सी-विजिल ऐप, खराब ईभीएम का रिप्लेसमेन्ट, पोस्टल बैलेट से मतदान, सेवा वोटर्स, दिव्यांगजन, 85 वर्ष से आयु के मतदाता को देय सुविधा, मतगणना के दौरान वीवीपैट का रोल संबंधी कई प्रश्न किए ।जिसका पदाधिकारियों ने बहुत ही सहज उतर दिया, जिसकी आयुक्त ने प्रशंसा की।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल के द्वारा पावर प्वाइंट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से जिला प्रशासन की तैयारियों को बताया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्वी चम्पारण जिला में कुल 12 विधान सभा क्षेत्र हैं जिसके लिए विधान सभा वार कुल 12 डिस्पैच सेन्टर एवं बज्र गृह बनाये जा रहे हैं, जो सात लोकेशन पर अलग-अलग विल्डिंग में स्थित हैं। इससे ईभीएम सहित मतदान कर्मियों, जिला पुलिसबल, पारामिलिट्री फोर्स को मतदान केन्द्र तक भेजने में काफी सहुलियत रहेगी। मतदान की तिथि से तीन-चार दिन पहले से की जाने वाली सभी कार्यों एवं तैयारियों को विस्तार से बताया गया। निर्वाचन कार्य में वाहन की आवश्यकता और जिला में वाहन की उपलब्धता बतायी गयी। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला में पर्याप्त संख्या में वाहन उपलब्ध है। मतदान कर्मियों के प्रशिक्षण के विषय में जिलाधिकारी ने कहा कि 35 हजार से अधिक मतदान कर्मियों को पहले चरण का प्रशिक्षण दे दिया गया है। गुणवता पूर्ण प्रशिक्षण दिलाने के लिए वरीय पदाधिकारियों के द्वारा प्रशिक्षण केन्द्र का लगातार भ्रमण कर प्रशिक्षण का जायजा लिया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला में कुल 3498 मतदान केन्द्र बनाये गये हैं जो 1885 भवन में स्थित हैं। इसमें 92 भवन ऐसे है जहाँ चार या चार से अधिक मतदान केन्द्र, 200 भवनों में तीन-तीन मतदान केन्द्र, 926 भवन में दो-दो मतदान केन्द्र तथा 667 भवन में एक मतदान केन्द्र बनाये गये हैं। जिला में कुल 1223 क्रिटिकल वूथ हैं जो 603 भवनों में स्थित हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिला को जितने फोर्स की आवश्यकता है उतना फोर्स जिला को मिल रहा है। केन्द्रीय अद्धसैनिक बल के अतिरिक्त सहरसा, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, पुर्णिया, बेगुसराय, मधुबनी और भागलपुर से जिला सशस्त्र बल मिल रहा है इसलिए जिला को फोर्स की कमी नही होगी। आयुक्त के द्वारा बाहर से आने वाले फोर्स के ठहराव की बेहतर व्यवस्था कराने की बात कही गयी। उन्होंने डिस्पैच सेन्टर पर भी मेडिकल टीम प्रतिनियुक्त करने का निदेश दिया।
पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने भी वहां की तैयारियों से अवगत कराया । आयुक्त ने लोक सभा चुनाव को लेकर जिला प्रशासन के कार्यों और तैयारियों की प्रशंसा की गयी। समीक्षा बैठक के प्रारंभ में पूर्वी चम्पारण के डीएम सौरभ जोरवाल ने सभी पदाधिकारीगण का स्वागत किया। जबकि पूर्वी चंपारण के जिला अपर समाहर्ता ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया। मौके पर उप विकास आयुक्त समीर सौरभ, अपर समाहर्ता मुकेश कुमार, नगर आयुक्त , सभी अनुमण्डल पदाधिकारी, डीसीएलआर सहित जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।