-नेपाल गणतंत्र के प्रथम शहीद दुर्गानंद झा की 62वीं शहादत दिवस मनाई गई
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर।
नेपाल गणतंत्र के प्रथम शहीद दुर्गानंद झा की 62वीं शहादत दिवस के अवसर पर शहीद दुर्गानंद स्मारक संरक्षण समिति द्वारा जनकपुरधाम उपमहानगर-23 स्थित सोनामाई में शहीद दुर्गानंद झा स्मारक स्थल पर शहादत दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहीद दुर्गानंद झा को नेपाल गणतंत्र का प्रथम शहीद विभूति घोषित करने की मांग सरकार से की गई।
समारोह को संबोधित करते हुए मधेश प्रदेश के स्पीकर राम आशीष यादव ने कहा कि अमर शहीद दुर्गानंद झा का देश और जनकल्याण में अतुलनीय योगदान रहा है। उन्होंने शहीद दुर्गानंद झा के साथी क्रांतिवीर महामना राजेश्वर नेपाली द्वारा शहीद की प्रतिमा स्थापित कराने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।

पूर्व मंत्री जुली कुमारी महतो ने कहा कि राणा शासन के विरुद्ध आंदोलन में गंगालाल, धर्मभक्त, दशरथ चंद और शुक्रराज को राजा का समर्थन मिला था, लेकिन राजशाही को समाप्त करने के उद्देश्य से अपने प्राणों का बलिदान देने वाले दुर्गानंद झा को नेपाल गणतंत्र का पहला शहीद माना जाता है।
स्मारक समिति के अध्यक्ष एवं जनकपुरधाम उपमहानगर-23 के वार्ड अध्यक्ष राघवेंद्र साह ने अमर शहीद दुर्गानंद झा के प्रेरणादायक बलिदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शोषण, अत्याचार और उपेक्षा के खिलाफ संघर्ष में उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने बताया कि आषाढ़ 9, 2065 को नेपाल गणराज्य की घोषणा के बाद जनकपुर के बुद्धिजीवियों की बैठक में सात सदस्यीय अमर शहीद दुर्गानंद झा स्मारक निर्माण समिति का गठन किया गया था।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रजातंत्रवादी नेता, बुद्धिजीवी वर्ग एवं आम नागरिक उपस्थित रहे और शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
















