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नारी सृजन और विध्वंस दोनों के कारण: साध्वी

-नारी सृजन और विध्वंस दोनों के कारण: साध्वी

बन्दरा। दीपक।

बन्दरा में श्री हरी कथा पंडाल में कथा व्यास साध्वी सुश्री शीतली भारती ने सोमवार को मीरा प्रसंग सुनाया।साध्वी ने कहा कि द्वापर में राधा के प्रेम की तुलना मीरा से की जाती है। कुछ संतों का मत है की राधा ही मीरा के रूप मे अवतरित हुई । मीरा भक्ति आंदोलन की प्रणेता रही है । जहां समाज नारी को भक्ति पथ का बाधक मानती थी, वही मीरा ने अपने जीवन चरित्र से समझाई की नारी सृजन और विध्वंस दोनों का कारण है ।

भक्तिमति मीरा ने सिर्फ भगवान के विरह के गीत ही नहीं गायी, बल्कि समाज के उत्थान के लिए अनेकों कार्य किए हैं। उस समय का समाज बहुत सारी कुरीतियों का सामना कर रही थी।तब भगवान के पूजा अर्चना के नाम पर हो रही निरीह पशुओं की बलि , धर्म के नाम पर फैली हुई पाखंड , जाती प्रथा , समाज में नारी को उपभोग की बस्तु समझने ,जबरन जलती चीता में बैठा कर सती प्रथा का नाम देना आदि कुप्रथा थी। मीरा ने सभी पाखंड का खुल कर विरोध किया और नारी को सम्मान पूर्वक जीवन जीने का हौसला दिलाया।