Advertisement

नशे में ऑटो चलाने का वायरल दावा निकला झूठा, पुलिस जांच में खुली सच्चाई

-नशे में ऑटो चलाने का वायरल दावा निकला झूठा, पुलिस जांच में खुली सच्चाई

मुजफ्फरपुर। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल किए गए एक वीडियो की सच्चाई सामने आने के बाद अफवाह फैलाने वालों की मंशा पर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस वीडियो को शराब के नशे में ऑटो चलाने का मामला बताकर प्रचारित किया जा रहा था, पुलिस जांच में वह दावा पूरी तरह बेबुनियाद और भ्रामक साबित हुआ है। इस घटनाक्रम ने सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट खबरों की विश्वसनीयता पर भी बहस छेड़ दी है।
वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो मुजफ्फरपुर के कटरा थाना क्षेत्र का है। वीडियो में दिखाई दे रहे ऑटो चालक और उसका बेटा नया ऑटो खरीदकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान सड़क पर सुखाने के लिए फैलाई गई मक्के की फसल पर ऑटो का चक्का फिसल गया और वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया।
हादसे के बाद वहां मौजूद कुछ लोगों ने घटना का वीडियो बनाकर उसे शराब के नशे से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। घटना के बाद चालक और उसका बेटा मौके से चले गए थे, जिसके बाद तरह-तरह की अफवाहें फैलने लगीं।


सूचना मिलने पर कटरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ऑटो को अपने कब्जे में लेकर स्थानीय लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से बताया कि सड़क पर रखे मक्के के कारण ऑटो पलटा था, न कि चालक की किसी लापरवाही या नशे की वजह से।
कुछ समय बाद चालक अपने बेटे के साथ स्वयं थाने पहुंच गया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि दुर्घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे और उन्हें मारपीट की आशंका थी। घबराहट में उन्होंने शराब पीने जैसी बात कह दी, जिसे कुछ लोगों ने सच मानकर प्रचारित कर दिया।
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस ने चालक और उसके बेटे का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराया। जांच रिपोर्ट में शराब सेवन की पुष्टि नहीं हुई और परिणाम पूरी तरह शून्य पाया गया। इसके बाद पुलिस ने स्पष्ट कर दिया कि शराब के नशे में वाहन चलाने का वायरल दावा पूरी तरह झूठा और भ्रामक है।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया पर अफवाहें कई बार हकीकत से अधिक तेजी से फैलती हैं। कटरा पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी वीडियो या खबर को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें। पुलिस ने यह भी चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल, इस मामले में ऑटो चालक पर लगे आरोप जांच में ध्वस्त हो चुके हैं, लेकिन यह घटना सोशल मीडिया पर फैलने वाली झूठी सूचनाओं के खतरनाक प्रभाव की एक बड़ी मिसाल बन गई है।