-नवविवाहिता की हत्या में वर्दी दागदार: दरोगा की स्कॉर्पियो से मायके के दरवाजे पर फेंकी गई लाश
मुजफ्फरपुर।
सारण जिले के सोनपुर में हुई एक सनसनीखेज घटना ने न सिर्फ रिश्तों की पवित्रता, बल्कि कानून के रक्षकों की साख पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक नवविवाहिता की गला घोंटकर हत्या करने के बाद आरोपियों ने दुस्साहस की सारी हदें पार करते हुए उसकी लाश को मायके के दरवाजे पर फेंक दिया। इस जघन्य हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए सारण एसपी के निर्देश पर गठित एसआईटी ने बड़ा खुलासा किया है।
एसआईटी की जांच में सामने आया है कि इस मामले में मुजफ्फरपुर के पनापुर करियात थाने में तैनात दरोगा संतोष रजक की भूमिका संदिग्ध है। पुलिस ने दरोगा को हिरासत में लिया है। एसडीपीओ वेस्ट-1 सुचित्रा कुमारी ने पुष्टि की है कि हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने में जिस स्कॉर्पियो का इस्तेमाल हुआ, वह दरोगा की बताई जा रही है।

सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि आधी रात के बाद एक सफेद स्कॉर्पियो मृतका सरिता के मायके के सामने आकर रुकी, जिसके बाद कुछ लोग शव (मैय्यत) को दरवाजे पर फेंककर फरार हो गए।
मृतका सरिता के पिता ने फूट-फूटकर रोते हुए बताया कि महज नौ माह पहले उन्होंने वैशाली निवासी सत्येंद्र कुमार के साथ बेटी की शादी बड़े अरमानों से की थी। शादी के बाद जमीन रजिस्ट्री के नाम पर उन्होंने पहले ही आठ लाख रुपये दे दिए थे, लेकिन ससुराल पक्ष की ओर से तीन लाख रुपये और की मांग की जा रही थी।
परिजनों का आरोप है कि आरोपी पति सत्येंद्र पहले भी दो शादियां कर चुका है और शराब तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। वहीं, दरोगा संतोष रजक और आरोपी पति के बीच गहरे ताल्लुकात होने की बात भी सामने आ रही है। परिजनों का कहना है कि इसी पुलिसिया रसूख की आड़ में सरिता की गला घोंटकर हत्या की गई और सरकारी वर्दी की धौंस वाली गाड़ी से शव को मायके पहुंचाकर फेंक दिया गया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। एसआईटी अन्य आरोपियों की भूमिका खंगाल रही है। इस दिल दहला देने वाली घटना से इलाके में आक्रोश और सनसनी का माहौल बना हुआ है।












