-नरसंडा-कलवारी मुख्य सड़क पर कचरा डंपिंग से लोगों में आक्रोश, राहगीर नाक पर कपड़ा रखकर गुजरने को मजबूर
मुजफ्फरपुर। नरसंडा और कलवारी को जोड़ने वाली मुख्य सड़क के बीचो-बीच सरमसपुर में नगर परिषद क्षेत्र का कचरा ग्राम पंचायत क्षेत्र में डंप किए जाने को लेकर स्थानीय लोगों और राहगीरों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। रामनाथ धमौली पश्चिमी पंचायत के सरमसपुर में सड़क किनारे बने डंपिंग स्थल पर कचरे का अंबार लगा है। इससे आसपास दुर्गंध फैल रही है और राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कलवारी, फतेहपुर और धमौली से नरसंडा को जोड़ने वाली इस सड़क से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। कचरे के कारण सड़क से गुजरना मुश्किल हो गया है। राहगीर बदबू से बचने के लिए नाक पर कपड़ा रखकर गुजरने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि लंबे समय से यहां कचरा डंप किए जाने के बावजूद प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नगर परिषद क्षेत्र से निकलने वाले कचरे को ग्राम पंचायत क्षेत्र में डंप किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। स्थानीय लोगों ने डंपिंग स्थल की व्यवस्था और कचरा निस्तारण की प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई एजेंसी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कथित मिलीभगत से कचरा डंपिंग का सिलसिला महीनों से जारी है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। लोगों का कहना है कि पहले कांटी और आसपास के क्षेत्रों में गड्ढों में कचरा डंप किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं और अब ग्रामीण इलाकों को भी कचरा निस्तारण के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि डंपिंग स्थल स्थानीय विधायक के गांव के समीप भी स्थित है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब अन्य स्थानों पर कचरा डंपिंग को लेकर आवाज उठाई जाती है तो उनके गांव के समीप सड़क किनारे जमा कचरे की समस्या पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कराने, कचरे का अवैध या नियम विरुद्ध डंपिंग पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा सड़क किनारे जमा कचरे को तत्काल हटाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण होने से जहां बीमारी और प्रदूषण का खतरा कम होगा, वहीं नरसंडा-कलवारी मुख्य सड़क से गुजरने वाले लोगों को भी दुर्गंध और गंदगी से राहत मिलेगी।











