-डिमांड से कम पड़ा झंडा,मुंह मांगी कीमत पर भी नहीं मिल रहा मनपसंद झंडा
-कीमतों ने उछाल
-खाली पड़ा क्षेत्र के बाजार का कई दुकान
मुजफ्फरपुर/बन्दरा। दीपक कुमार तिवारी।
अयोध्या में श्रीराम मंदिर की स्थापना महोत्सव को लेकर प्रखंड एवं जिला क्षेत्र के अलावा पड़ोसी जिला क्षेत्र में भी जबरदस्त उत्साह का माहौल है। इस बीच घर-घर एवं हर धार्मिक स्थलों पर झंडा टांगने को लेकर मार्केट में झंडे की डिमांड काफी बढ़ गई है। लिहाजा डिमांड के अनुसार अब झंडों का मिलना भी मुश्किल है। झंडा कम पड़ गए हैं। प्रखंड के बन्दरा,केवट्सा सहित समस्तीपुर जिला के नजदीकी सैदपुर, पूसा, कनौजर आदि बाजार के दुकानों में रविवार को डिमांड के अनुसार झंडा नहीं मिल रहे थे। दुकानदारों का बताना है कि लोगों का बताना है कि 20 रुपए के झंडे 40 रुपये तक बिके हैं। 65 रुपए के झंडे सौ रुपये बिके हैं। 150 रुपए का झंडा 250 से 300 तक बिके हैं। बावजूद डिमांड के अनुसार झंडा नहीं मिल रहा।

बन्दरा में ‘A2Zन्यूज़live’ ने एक दुकान पर श्रीराम के झंडे नहीं मिलने पर जब हनुमान के तस्वीर वाली 10 मध्यम (बड़े)झंडा की डिमांड की तो दुकानदार ने 150 रुपए की दर पर भी इतनी संख्या में देने से इनकार कर दिया। दुकानदार ने बताया कि एक से ज्यादा नहीं दे सकते। क्योंकि अभी मुंह मांगी दाम पर भी झंडा नहीं मिल रहा है। जिस झंडे पर श्री राम जानकी-लक्षण एवं हनुमान की तस्वीर लगी है। वह झंडा खोजने पर भी लोगों को नहीं मिल पा रहा है। दोपहर होते-होते कई दुकानों से बड़े झंडा मिलना मुश्किल हो गया। बड़ा झंडा मार्केट से आउट है। क्षेत्र के मार्केट में श्रीराम लिखी या तस्वीर लगी झंडा नहीं थी। लाठी लगी हुई झंडा की भी मार्केट में काफी डिमांड थी। लोगों को छोटा झंडा लेकर ही लौटते देखा गया। दुकानदारों का बताना है कि क्षेत्र में 22 जनवरी को बजरंग दल एवं क्षेत्र के धार्मिक संस्थाओं,मंदिर कार्यकर्ताओं के द्वारा कई जगहों पर जुलूस, रैली आदि निकाले जाने की भी तैयारी है।कई जगहों पर घर-घर,पोल-पेड़ों में भी झंडे लगाए जा रहे हैं। इसको लेकर भी थोक मात्रा में झंडो की बिक्री हो चुकी है। जिसके कारण से झंडा नहीं मिल रहे हैं। कुछ लोग अपने घरों पर एक झंड लगाने के बजाय दर्जनों की संख्या में झंडा लगा रहे हैं। लोग देखा-देखी भी झंडा लगा रहे हैं। उत्साह में लोगों का उमंग और श्रद्धा-भक्ति ख़ूब बढ़ा है। लिहाजा जरूरत से ज्यादा बाजार में अचानक झंडो की डिमांड काफी ज्यादा हो गई है। बन्दरा में एक युवक ने बताया कि मार्केट में झंडा नहीं मिलने की वजह से उन्होंने खुद हीं छोटे झंडों को जोड़-जोड़ कर बड़ा झंडा बनाकर टांगना शुरू किया है। शहर-बाजार में झंडा के दाम काफी बढ़ गए हैं। सो खुद से भी कपड़ों को खरीद कर झंडा सिलने का काम शुरू कर दी है। खुद से झंडा सील कर गांव में लगाना शुरू कर दिया है।











