-गांवों के विकास की बेहतर कार्ययोजना के लिए ग्रामीणों को जागरूक करें: डीडीसी
मुजफ्फरपुर। गांवों के समग्र और बेहतर विकास के लिए ग्रामीणों को जागरूक करना बेहद जरूरी है। प्रशिक्षण के दौरान दी जा रही जानकारी को गंभीरता से सीखें और इसे गांवों तक पहुंचाएं, क्योंकि बेहतर ग्राम स्वराज की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में यह पहला महत्वपूर्ण कदम है। ये बातें उप विकास आयुक्त निशांत सीहोर ने बुधवार को जीविका की ओर से आयोजित ग्राम समृद्धि एवं क्षमतावर्धन योजना (VPRP) के प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के अवसर पर कहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत में जीविका की डीपीएम अनीशा ने उप विकास आयुक्त का स्वागत किया और प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्य एवं इसकी परिकल्पना के बारे में जानकारी दी। प्रशिक्षण में प्रखंड स्तर के संबंधित कर्मियों, सामुदायिक समन्वयक, क्षेत्रीय समन्वयक, एमआईएस एवं आईटी एक्सपर्ट, जीविकोपार्जन विशेषज्ञ तथा प्रखंड परियोजना प्रबंधकों ने भाग लिया।

प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि ग्राम समृद्धि एवं क्षमतावर्धन योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की जरूरतों और आकांक्षाओं को योजनाबद्ध तरीके से संबंधित सरकारी योजनाओं से जोड़ने में मदद मिलेगी। डीडीसी ने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को प्रभावी ढंग से गांवों तक पहुंचाने तथा गुणवत्तापूर्ण ग्राम विकास योजनाओं के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को VPRP की विभिन्न प्रक्रियाओं, समुदाय की सहभागिता, ग्रामीणों की आवश्यकताओं एवं उपलब्ध संसाधनों की पहचान, योजना निर्माण तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के साथ अभिसरण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीणों की जरूरतों को योजनाबद्ध तरीके से संबंधित योजनाओं से जोड़कर गांवों के विकास को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में संचार प्रबंधक राजीव रंजन, रितेश कुमार, मसरूर अहमद, शिवम कुमार, बीपीएम इंद्रजीत कुमार, सुभाष चंद्र, रिंकी कुमारी, पिंकी कुमारी समेत सामुदायिक समन्वयक एवं अन्य कर्मी मौजूद रहे।












