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करोड़ों खर्च के बाद भी नहीं बुझ रही प्यास, शिवदाहा में नल-जल योजना पर उठे सवाल

-करोड़ों खर्च के बाद भी नहीं बुझ रही प्यास, शिवदाहा में नल-जल योजना पर उठे सवाल

दीपक कुमार/गायघाट। मुख्यमंत्री नल-जल योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद गायघाट प्रखंड की शिवदाहा पंचायत के ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पंचायत के वार्ड संख्या 5, 6 और 8 में नल-जल योजना में अनियमितता और पानी की आपूर्ति नहीं होने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से लेकर जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री के दरबार तक पहुंचाई है, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है।

ग्रामीणों का कहना है कि योजना के तहत घर-घर नल और पानी की व्यवस्था के नाम पर बड़ी राशि खर्च की गई, लेकिन कई जगहों पर नल लगे होने के बावजूद उनमें पानी नहीं आता। कहीं पाइपलाइन में खराबी है तो कहीं मोटर और अन्य उपकरणों के खराब रहने के कारण जलापूर्ति बाधित है। इसके चलते लोगों को आज भी पीने के पानी के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वर्ष 2016 में सात निश्चय के तहत हर घर नल का जल योजना की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रत्येक घर तक सहज एवं सुलभ तरीके से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना था। सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल इस योजना के तहत गायघाट प्रखंड के 152 वार्डों में कार्य शुरू किया गया था। ग्रामीणों के अनुसार इनमें दर्जनों वार्ड ऐसे हैं, जहां नल-जल योजना या तो पूरी तरह बंद पड़ी है या फिर नियमित रूप से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है।

शिवदाहा पंचायत के ग्रामीणों का आरोप है कि योजना के क्रियान्वयन और रखरखाव में लापरवाही बरती जा रही है। शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि समय-समय पर निरीक्षण की बात सामने आती है, लेकिन इसके बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं होता और कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं की जाती।

ग्रामीणों ने प्रशासन से शिवदाहा पंचायत के वार्ड 5, 6 और 8 में नल-जल योजना की स्थलीय जांच कराने, खर्च की गई राशि और कार्य की गुणवत्ता की जांच करने तथा नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की है।

इस संबंध में गायघाट बीडीओ आलोक कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी।