सुशासन राज में भवन निर्माण के पटना वाले ‘एक्जीक्यूटिव इंजीनियर’ ने 1 दिन मे 2 करोड़ का ‘प्लॉट’ खरीद बनाया रिकॉर्ड ! रिश्तेदार पर भी खूब बरसाई ‘स्वविवेक’ वाली कृपा
सम्वाददाता। पटना।
नीतीश राज में तरह-तरह का रिकार्ड बन रहे. 1700 करोड़ का निर्माणाधीन पुल जल समाधि लेकर रिकार्ड बन रहा. दूसरी तरफ सरकारी सेवक संपत्ति बनाने में रिकार्ड बना रहे. संपत्ति बनाने के लिए तरह-तरह के हथकंड़े अपनाये जा रहे. रिश्तेदार पर स्व अधिकार वाली कृपा बरसाई जा रही है. कृपा से रिश्तेदार काफी फल-फूल रहे. इसका अपरोक्ष लाभ कृपा बरसाने वाले हाकिम को भी मिल रहा. तभी तो एक दिन में एक कार्यपालक अभियंता ने दो करोड़ से अधिक की संपत्ति पटना में खऱीद लिया. पटना में पदस्थापित भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभिय़ंता ने जून 2023 में ही करोड़ों की जमीन खरीदकर एक तरह से रिकार्ड ही बनाया है. नीतीश राज में यह एक अनोखा रिकार्ड है, जिसमें एक कार्यपालक अभियंता ने एक दिन में अपनी पत्नी के नाम पर सरकारी रेट से एक करोड़ से अधिक का भूखंड खरीदा. भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता ने आखिर इतना व्हाइट पैसा कहां से लाया यह तो जांच के बाद पता चलेगा, लेकिन इसकी चर्चा जोरों पर है कि सरकारी रेट अगर एक करोड़ से अधिक का है तो मार्केट वैल्यू 2-3 करोड़ के बीच होगा. इधऱ एक और चर्चा जोरों पर है. जून महीना समाप्ति की ओर है, ट्रांसफर-पोस्टिंग होना है. लिहाजा कार्यपालक अभियंता ऊंची कुर्सी को पाने के लिए हर हथकंड़ा अपना रहे हैं. काफी दौड़ लगा रहे. इस खबर को अगली कड़ी में आपको विस्तार से बतायेंगे।
आज हम आपको भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता जो पटना में पदस्थापित हैं, उनके द्वारा कृपा बरसाने के बारे में बता रहे. एक्जीक्यूटिव इंजीनियर जहां-जहां जाते हैं अपने रिश्तेदार को साथ लेकर जाते हैं. पदस्थापन काल में अपने रिश्तेदार पर जमकर कृपा बरसाते हैं. स्व विवेक वाली राशि से काम देकर जमकर उपकृत करते हैं. इसका लाभ भी उन्हें अपरोक्ष तौर पर मिलता है. पूरा मामला अब खुल गया है. बताया जाता है कि कार्यपालक अभियंता के रिश्तेदार ने एक कंपनी बना रखी है. उसी कंपनी को छोटा-छोटा काम अलॉट कर दिया जाता है. यह राशि हर साल करोड़ों में पहुंच जाती है. अपनी पहुंच की बदौलत दूसरे जगह से भी रिश्तेदार को काम अलॉट कराते हैं, बदले में दूसरे कार्यपालक अभियंता को ऐन-केन-प्रकारेण सेट करते हैं।
भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता ने राजधानी से सटे इलाके में 8 कट्ठा कॉमर्शियल प्लॉट की खरीद की है. जमीन पत्नी के नाम पर खऱीदी गई है. लगभग 24 डिसमिल जमीन को पत्नी के नाम पर चार टुकड़ों में खरीदा गया है. सबसे बड़ा टुकड़ा लगभग 15 डिसमिल है, जिसका फाईनल सरकारी रेट लगभग 64 लाख है. इसके अलावे दूसरे प्लॉट का सरकारी मूल्य 30 लाख रू दर्शाया गया है. दो अन्य टुकड़ा जिसका मूल्य 5-5 लाख से अधिक है. इंजीनियर साहब ने पत्नी के नाम पर यह प्रोपर्टी रजिस्ट्री कराई है. उक्त जमीन पटना के पेरिफेरल एरिया में अवस्थित है. बताया जाता है कि उक्त जमीन बिहटा-दनियावां एनचएच किनारे अवस्थित है. सरकारी कागजात में जमीन को कॉमर्शियल नौबतपुर अंचल दर्शाया गया है।

अब आपको बताएं कि वो कार्यपालक अभियंता हैं कौन….? जिन्होंने इसी महीने करोड़ों की जमीन एक दिन में खरीद की है. भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता राजधानी पटना में पदस्थापित हैं. बताया जाता है कि जिस जगह पर पदस्थापति हैं वो काफी उर्वर जगह है. काम बड़े-बड़े लोगों के आवास का रख रखाव का करते हैं. इंजीनियर साहब जहां पदस्थापित हैं उसका नाम भी काफी ऐतिहासिक है. बताया जाता है कि कार्यपालक अभियंता मगध क्षेत्र से जुड़े हैं. लेकिन सरकारी डेटा में होम स्टेट पड़ोसी राज्य है.
कार्यपालक अभियंता का एक दिन में एक करोड़ से अधिक की प्रोपर्टी खरीदने की जानकारी अनाधिकृत रूप से विभाग के अन्य लोगों को भी हो चुकी है. अब कानाफूसी शुरू हो गई है कि इंजीनियर ने इतनी राशि से जमीन की खरीद की तो विभाग को जानकारी दिया या नहीं ? सरकारी सेवक हर साल फरवरी माह में संपत्ति का ब्योरा देते हैं, लेकिन अगर बीच में कोई संपत्ति खरीदी तो विभाग के स्तर पर इसकी सूचना देनी होती है. ऐसे में पटना में पदस्थापित भवन निर्माण के कार्यपालक अभियंता ने इस बारे में विभाग को बताया या नहीं ?










