-एईएस वार्ड-एसएनसीयू के एसी एक सप्ताह से बंद
-मातृ-शिशु अस्पताल की बदहाल व्यवस्था उजागर
मुजफ्फरपुर। भीषण गर्मी के बीच मातृ-शिशु अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है। अस्पताल के एईएस वार्ड और एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) में लगे एसी पिछले एक सप्ताह से खराब पड़े हैं, जिससे भर्ती बच्चों, नवजातों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं प्रसव कक्ष (लेबर रूम) में लगा पंखा भी खराब है, जिसके कारण प्रसूताओं को उमस और गर्मी के बीच इलाज कराना पड़ रहा है।
अस्पताल के एईएस वार्ड में वर्तमान में तीन बच्चों का इलाज चल रहा है। यहां लगे दोनों एसी बंद हैं। दूसरी ओर एसएनसीयू में 10 नवजात भर्ती हैं, जहां तीनों एसी पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से खराब पड़े हैं। लगातार बढ़ती गर्मी और उमस के कारण वार्डों का माहौल मरीजों के लिए असहनीय होता जा रहा है।
मरीजों के परिजनों का कहना है कि केवल पंखों के सहारे राहत नहीं मिल रही है। गंभीर रूप से बीमार बच्चों और नवजातों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। एईएस वार्ड में भर्ती एक बच्चे की मां रिंकी कुमारी ने बताया कि गर्मी के कारण बच्चों की परेशानी बढ़ गई है और पंखे भी पर्याप्त राहत नहीं दे पा रहे हैं।
वहीं छितरपट्टी निवासी रीना देवी ने बताया कि वह अपने बेटे के इलाज के लिए पिछले दो दिनों से अस्पताल में हैं। एसी खराब होने के कारण खिड़कियों से आने वाली गर्म हवा से वार्ड में रहना मुश्किल हो गया है।

अस्पताल के लेबर रूम की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। यहां लगा पंखा खराब होने से प्रसूताओं को उमसभरे माहौल में समय बिताना पड़ रहा है। मरीजों और उनके स्वजनों ने अस्पताल प्रशासन से तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
इसके अलावा अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि रात की पाली में पर्याप्त सुरक्षा कर्मी मौजूद नहीं रहते। प्रसव कक्ष के बाहर भी सुरक्षा गार्ड की नियमित तैनाती नहीं दिखती, जिससे लोगों में असुरक्षा की भावना बनी रहती है।
इधर जिला कार्यक्रम प्रबंधक सलीम जावेद ने मातृ-शिशु अस्पताल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आईं। उन्होंने एईएस वार्ड और एसएनसीयू में एसी खराब रहने को गंभीर मामला बताते हुए अस्पताल प्रबंधन को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
सलीम जावेद ने कहा कि मरीजों, बच्चों और नवजातों को गर्मी से राहत दिलाने के लिए आवश्यक सुविधाएं जल्द बहाल की जाएंगी। साथ ही सभी खराब उपकरणों की शीघ्र मरम्मत कर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्देश अस्पताल प्रबंधक को दिया गया है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि अस्पताल में भर्ती बच्चों और नवजातों की सुविधा एवं स्वास्थ्य सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।













