चंपारण : स्कूलों में बेंच-डेस्क की आपूर्ति में अनियमितता,
-डीईओ पर गिरी गाज
-डेटा आपरेटर के परिजनों के नाम खोली गई तीन कंपनियों को एडवांस कर दिया भुगतान
मोतिहारी / सम्वाददाता।
शिक्षा विभाग इन दिनों एक्शन मोड में है। अनियमितता में शामिल स्कूल या शिक्षकों पर त्वरित कार्रवाई हो रही है। शिक्षा विभाग की तरफ से एक्शन का एक ऐसा ही मामला यहां भी सामने आया है। जहां स्कूलों में बेंच-डेस्क की आपूर्ति में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। मामले में वर्तमान जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है।
शिक्षा विभाग के अनुसार, पूर्वी चंपारण जिले में सरकारी स्कूलों में बेंच-डेस्क की आपूर्ति में भारी अनियमितताएं पाई गई हैं। जिलाधिकारी ने जिले के अलग-अलग सरकारी स्कूलों में आपूर्ति किए गए बेंच-डेस्क की जांच की गई। जिसमें उनकी गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई। इसको लेकर सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी आवाज उठाई थी। विधायकों ने आरोप लगाया था कि इस घोटाले में करोड़ों रुपये की सरकारी धनराशि का दुरुपयोग किया गया है।
मामले की जब जांच की गई तो सामने आया कि पूर्व डीईओ के कार्यकाल में एक डेटा ऑपरेटर के परिजनों के नाम पर तीन कंपनियां खोली गई थी।

इन कंपनियों को बिना कोई बेंच-डेस्क की आपूर्ति किए ही लाखों रुपये का अग्रिम भुगतान कर दिया गया था। इस मामले में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ ने कड़ी कार्रवाई करते हुए वर्तमान डीईओ संजीव कुमार के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। वहीं मामला सामने आने के तीन दिन पहले मोतिहारी जिले के रामगढ़वा बीईओ रामाधार पांडेय पर रिश्वत लेने के आरोप में कड़ी कार्रवाई की गई। रामगढ़वा बीईओ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह एक शिक्षक से रिश्वत की मांग करते हुए दिखाई दे रहे थे। वीडियो के सामने आने के बाद मोतिहारी के डीईओ ने शिक्षा विभाग को इस मामले की गंभीरता से जांच करने की अनुशंसा की। इसके बाद प्राथमिक शिक्षा निदेशक पंकज कुमार ने बीईओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और उनका मुख्यालय मुजफ्फरपुर के डीईओ कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया।








