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मूर्ति विसर्जन के साथ 11 दिवसीय श्रीसीताराम नाम अष्ट्याम महायज्ञ संपन्न

-मूर्ति विसर्जन के साथ 11 दिवसीय श्रीसीताराम नाम अष्ट्याम महायज्ञ संपन्न

मुजफ्फरपुर/बंदरा।दीपक।
जिले के बंदरा प्रखंड अंतर्गत घोसरामा ब्रह्मस्थान परिसर में नवयुवक नाट्यकला परिषद् सह सांस्कृतिक मंच के तत्वावधान में आयोजित 11 दिवसीय श्रीसीताराम नाम अष्ट्याम महायज्ञ का 56वां अधिवेशन सह श्रीमद्भागवत कथा सोमवार को मूर्ति विसर्जन के साथ विधिवत संपन्न हो गया। पूरे अनुष्ठान के दौरान क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।
समापन अवसर पर पंडित फुलकांत झा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां सरस्वती सहित सभी देवी-देवताओं की मूर्तियों का पूजन-अर्चन कराया। ग्रामीण परंपरा के अनुसार मांग-खोइंछा भरवाने की रस्म निभाई गई, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने बूढ़ी गंडक के देदौल घाट पर मूर्तियों का विसर्जन किया। इससे पूर्व कन्याओं द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन कर यज्ञ की पवित्र अग्नि में आहुतियां दी गईं। श्रद्धालुओं ने भागवत जी की परिक्रमा कर कन्या भोजन भी कराया।


रविवार की रात जय माता दी जागरण ग्रुप द्वारा भव्य माता जागरण का आयोजन किया गया। भजन गायिका खुशबू सोनी के ‘जगदंबा घर में दियरा’, अमृता सिंह के ‘एक बार तू राधा बनके देखो सांवरिया’ और गायक सुधांशु राज के ‘राम आयेंगे’ भजन ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। पंडाल परिसर में राधा-कृष्ण, महादेव और बजरंगबली की आकर्षक झांकियों ने भक्तों का मन मोह लिया। संगीत संयोजन में कीबोर्ड पर नागेंद्र, ढोलक पर दीपक, तबला पर राजा और ऑक्टोपैड पर दीपक ने समां बांधा।
महायज्ञ के दौरान अखंड श्रीसीताराम नाम धुन, श्रीसीताराम विवाह महोत्सव और श्रीमद्भागवत कथा की मधुर प्रस्तुति से पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। चारों ओर ‘श्रीसीताराम’ और ‘राधे-राधे’ की गूंज सुनाई देती रही।
मंच के अध्यक्ष नवीन कुमार ने बताया कि ग्रामीणों के सहयोग और सहभागिता से 11 दिवसीय महायज्ञ शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशासनिक सहयोग में हत्था थाना की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन को सफल बनाने में राजीव कुमार, संजीव कुमार, चंदन कुमार, राजन कुमार, राजेश सिंह, सतीश ठाकुर, आनंद मोहन, गौरव, उपेंद्र महतो, दीपक, दीपांशु झा, ऋतिक सिंह, आदित्य झा, सुंदरम सिंह, छोटन झा, सुदामा मांझी, सत्यम सिंह, निखिल झा, दुखरन सहनी समेत अन्य ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही।