–मुजफ्फरपुर में शिक्षिका के ‘अपहरण’ का रहस्य गहराया: FIR के अगले दिन बनी मां, प्रेम विवाह के दावे से मामला पेचीदा
मुजफ्फरपुर।जिले के औराई थाना क्षेत्र से एक ऐसा संगीन और उलझा हुआ मामला सामने आया है, जिसने मोहब्बत, इल्ज़ाम और साज़िश से जुड़े कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 18 फरवरी को भाई ने अपनी 28 वर्षीय शिक्षिका बहन शाइस्ता परवीन के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई और ठीक अगले दिन वह एक बच्ची की मां बन गई। इस घटनाक्रम से इलाके में सनसनी फैल गई है।
मामला मकसूदपुर गांव का है। यहां के निवासी फैसल इमाम अशरफ ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया कि उसकी बहन शाइस्ता परवीन, जो एक निजी स्कूल में शिक्षिका है, रोज की तरह पढ़ाने निकली थी, लेकिन वापस घर नहीं लौटी। काफी तलाश के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला तो भाई ने 60 वर्षीय स्कूल संचालक राकेश कुमार साह और उनके सहयोगियों पर अपहरण का केस दर्ज करा दिया।
बताया जाता है कि शाइस्ता परवीन मकसूदपुर स्थित इंग्लिश मॉडर्न स्कूल में पढ़ाती थी। भाई का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने ही उसे बहला-फुसलाकर गायब किया। प्राथमिकी दर्ज होते ही पुलिस सक्रिय हुई और कुछ ही घंटों में शिक्षिका को सीतामढ़ी के एक अस्पताल से बरामद कर लिया गया। फिलहाल वह पुलिस अभिरक्षा में इलाजरत है।
मामले ने तब नया मोड़ लिया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में शाइस्ता परवीन ने दावा किया कि उसने 2025 में ही स्कूल संचालक से प्रेम विवाह कर लिया था और वह अपनी मर्जी से गई है, उसका अपहरण नहीं हुआ। इस बयान के बाद पुलिस जांच और भी जटिल हो गई है।

घटनाक्रम ने सबको चौंका दिया जब 19 फरवरी को उसने एक पुत्री को जन्म दिया। अब सवाल यह उठ रहा है कि अपहरण की FIR और अगले दिन मां बनने की घटना महज़ संयोग है या इसके पीछे कोई सामाजिक दबाव या पारिवारिक रणनीति थी। क्या भाई को पहले से जानकारी थी, या फिर इज्जत बचाने के लिए अपहरण का मामला दर्ज कराया गया?
पुलिस सूत्रों के अनुसार पूरे मामले की तफ्तीश जारी है। स्कूल संचालक फिलहाल पुलिस गिरफ्त से बाहर बताया जा रहा है। इश्क़, इज़्ज़त और इल्ज़ाम की इस कहानी ने पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है।
अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि यह सचमुच अपहरण का मामला था या बालिग महिला का अपनी मर्जी से लिया गया फैसला। फिलहाल यह प्रकरण कानून और समाज दोनों के लिए बड़ी कसौटी बन गया है।












