-महाशिवरात्रि पर भक्ति में डूबेगा सकरी मन, बाबा जीवनेश्वरनाथ धाम में अष्टयाम, अखंड हवन व भव्य शिव विवाह महोत्सव की तैयारी तेज
मुजफ्फरपुर/बन्दरा।दीपक।
बंदरा प्रखंड के सकरी मन स्थित प्रसिद्ध बाबा जीवनेश्वरनाथ महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि महोत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। मंदिर प्रांगण में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। रंग-रोगन, सजावट, कुएं की सफाई और परिसर की व्यापक सफाई अभियान के बाद मंदिर को आकर्षक और भक्तिमय रूप दिया जा रहा है। आयोजन समिति और स्थानीय ग्रामीण दिन-रात जुटकर महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने में लगे हैं।
मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी महाशिवरात्रि से एक दिन पूर्व सुंदरकांड पाठ, चौबीस घंटे का अष्टयाम और अखंड हवन-यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इन धार्मिक अनुष्ठानों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे। महाशिवरात्रि के दिन संध्याकाल में शिवलिंग का विशेष सृंगार पूजन एवं आसपास के गांवों में भगवान शिव, माता पार्वती और शिवगणों की भव्य झांकी निकाली जाएगी, जिससे पूरा इलाका शिवमय हो उठेगा।

रात्रि में मंदिर परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का विशेष आयोजन होगा। प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा भव्य झांकियों के साथ शिव विवाह महोत्सव का मंचन किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगा। इसके लिए पंडाल,मंच, लाइटिंग और ध्वनि व्यवस्था की विशेष तैयारी की जा रही है।
आयोजन समिति के शिवनाथ सहनी, राजेश कुमार एवं अन्य सदस्यों ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पेयजल, रोशनी, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की जा रही है। आसपास के गांवों से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
बाबा जीवनेश्वरनाथ मंदिर का पौराणिक और धार्मिक इतिहास भी अत्यंत समृद्ध है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सकरी मन नदी के पूरब किनारे स्थित यह स्थल वर्षों पूर्व घने जंगलों से घिरा था। शिव शक्तियों के आध्यात्मिक अनुभव के कारण यहां पहले शिवलिंग की स्थापना की गई, बाद में शिवालय का निर्माण हुआ। समय के साथ यहां पार्वती मंदिर का निर्माण हुआ और परिसर में दुर्गा मंदिर व हनुमान मंदिर भी स्थापित किए गए। मंदिर परिसर मध्य विद्यालय से घिरा होने के कारण यहां हमेशा श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है।
महाशिवरात्रि के अवसर पर पूरा सकरी मन क्षेत्र भक्ति और आस्था में सराबोर रहने वाला है। ग्रामीणों का मानना है कि इस दिन बाबा जीवनेश्वरनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के साथ श्रद्धालु इस महापर्व का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।












