Advertisement

मरणोपरांत पद्मश्री सम्मान से सम्मानित हुए पूर्व कुलपति डॉ. गोपाल जी त्रिवेदी, पुत्र डॉ. रमन त्रिवेदी ने राष्ट्रपति से ग्रहण किया सम्मान

-मरणोपरांत पद्मश्री सम्मान से सम्मानित हुए पूर्व कुलपति डॉ. गोपाल जी त्रिवेदी, पुत्र डॉ. रमन त्रिवेदी ने राष्ट्रपति से ग्रहण किया सम्मान

मुजफ्फरपुर/बंदरा, दीपक कुमार तिवारी।

पूर्व कुलपति स्वर्गीय डॉ. गोपाल जी त्रिवेदी को कृषि क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए मरणोपरांत पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया। उनके इकलौते पुत्र डॉ. रमन त्रिवेदी ने नई दिल्ली में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों यह सम्मान ग्रहण किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद रहे।

सम्मान ग्रहण करने के बाद डॉ. रमन त्रिवेदी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में इसे परिवार, समाज, क्षेत्र और पूरे बिहार के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि यदि आज उनके स्वर्गीय पिता डॉ. गोपाल जी त्रिवेदी स्वयं इस अवसर पर मौजूद होते, तो यह खुशी कई गुना बढ़ जाती।

उन्होंने कहा कि पद्म पुरस्कार ग्रहण करते समय पिता की यादें लगातार मन को भावुक कर रही थीं। साथ ही इस बात का गर्व भी था कि कृषि क्षेत्र में उनके पिता द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों को भारत सरकार ने सम्मान दिया और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान प्रदान की।हमें, हमारे परिवार और हमारे क्षेत्र को हमारे स्वर्गीय पिता डॉ गोपाल जी त्रिवेदी पर अत्यंत गर्व है। उनके कृतित्व, कार्यशैली और उनके व्यक्तित्व की बदौलत हम सब का सम्मान बढ़ा है और आदर भाव मिला है।

डॉ. रमन त्रिवेदी ने कहा कि उनके पिता के व्यक्तित्व, कार्यशैली और समाज के प्रति समर्पण ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का सम्मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि परिवार को डॉ. गोपाल जी त्रिवेदी के योगदान पर हमेशा गर्व रहेगा।उनका पॉज़िटिव एवं कर्तव्यनिष्ठ विचार हम सबों को सदैव प्रेरित एवं ऊर्जान्वित करता रहेगा।

रात्रि भोज में भी हुए शामिल:

डॉ. रमन त्रिवेदी ने बताया कि पद्म पुरस्कार वितरण समारोह के बाद सभी सम्मानित अतिथियों के लिए रात्रि भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रपति, केंद्रीय गृह मंत्री सहित कई केंद्रीय मंत्री सम्मानित लोगों से मिले और उनसे संवाद किया। केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय समेत भारत सरकार के कई अन्य मंत्री भी इस अवसर पर मौजूद रहे।

उन्होंने कहा कि समारोह का हिस्सा बनना और देश के सर्वोच्च सम्मान समारोह में शामिल होना उनके लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और भावनात्मक अनुभव रहा।