Advertisement

बेगूसराय में अनोखी बारात: बैलगाड़ियों पर सवार होकर निकले दूल्हा-बाराती, लोगों ने कैमरों में कैद किया नज़ारा

-बेगूसराय में अनोखी बारात: बैलगाड़ियों पर सवार होकर निकले दूल्हा-बाराती, लोगों ने कैमरों में कैद किया नज़ारा

बेगूसराय। हाईटेक और लग्जरी दौर में जहां शादियों में महंगी गाड़ियों और भव्य इंतजाम का चलन बढ़ गया है, वहीं बिहार के बेगूसराय जिले में एक बारात ने पुरानी परंपराओं को जीवंत कर सबको चौंका दिया। यहां दूल्हा और बाराती आधुनिक गाड़ियों की जगह बैलगाड़ियों पर सवार होकर दुल्हन के घर पहुंचे, जिसे देखने के लिए रास्ते भर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
मामला छौड़ाही प्रखंड के पुरपथार गांव का है, जहां प्रिंस यादव की शादी थी। दूल्हे ने अपनी शादी को खास बनाने के लिए पुराने जमाने की परंपरा अपनाने का निर्णय लिया। बारात के दिन 11 घोड़े और करीब 20 बैलगाड़ियां सजाई गईं, जिन पर सवार होकर बाराती निकले। इसके साथ ही रिक्शों का लंबा काफिला भी बारात में शामिल रहा।


यह अनोखी बारात छौड़ाही से निकलकर समस्तीपुर के मंगालगढ़ गांव तक पहुंची। रास्ते में जहां-जहां से बारात गुजरी, लोग इस अनोखे दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करने के लिए उत्साहित नजर आए। कई लोगों ने कहा कि 35-40 साल पहले इसी तरह की बारातें निकला करती थीं, जो अब लगभग दुर्लभ हो गई हैं।इस अनोखी पहल में स्थानीय विधायक अभिषेक आनंद भी खुद को शामिल होने से रोक नहीं सके। वे भी दूल्हे के साथ बैलगाड़ी पर सवार होकर बारात में शामिल हुए। शादी में शरीक होने के बाद उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण हैं।
स्थानीय लोगों ने इस बारात को यादगार और प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि आज के युवा जहां आधुनिकता की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं इस तरह की पहल पुरानी परंपराओं के प्रति सम्मान को भी दर्शाती है।