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बुज़ुर्गों को घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा: कैबिनेट का बड़ा फैसला, “मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट” होगी शुरू

-बुज़ुर्गों को घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा: कैबिनेट का बड़ा फैसला, “मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट” होगी शुरू

 

पटना। राज्य की सियासत में जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने एक बड़ा और राहतभरा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में तय किया गया कि अब 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को जमीन या किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्हें घर बैठे ही निबंधन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के तहत “मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट” का गठन किया जाएगा। ये विशेष वैन सीधे बुज़ुर्गों के घर पहुंचेगी, जहां उनका बायोमैट्रिक सत्यापन कर आवश्यक दस्तावेज़ लेकर पूरी रजिस्ट्री प्रक्रिया मौके पर ही पूरी कर दी जाएगी। इस डिजिटल और पेपरलेस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ने के साथ-साथ लोगों को बड़ी सहूलियत मिलेगी। हालांकि, रजिस्ट्री से पहले शुल्क का भुगतान ऑनलाइन करना अनिवार्य होगा।

सरकार के इस फैसले को सामाजिक न्याय और डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए “पुलिस दीदी” की तैनाती का भी ऐलान किया गया है। महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए 1500 स्कूटी खरीदी जाएंगी, जबकि पुलिस बल को सशक्त बनाने के लिए 3200 मोटरसाइकिल की मंजूरी दी गई है।

राजधानी पटना में डायल-112 और पुलिस डाटा सेंटर के लिए 172 करोड़ रुपये की लागत से सात मंजिला अत्याधुनिक भवन का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करने के लिए हाईड्रोलिक प्लेटफॉर्म, फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के बिहार कैंपस की स्थापना, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास और “सहयोग” हेल्पलाइन जैसी योजनाओं को भी मंजूरी दी गई है।

इन फैसलों से साफ संकेत मिलता है कि सरकार अब प्रशासनिक सेवाओं को सीधे जनता के दरवाज़े तक पहुंचाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है, जिससे आम लोगों को सुविधा और सुरक्षा दोनों मिल सके।