-बिहार में मेगा अर्बन प्लान: 11 सैटेलाइट टाउनशिप पर कैबिनेट की मुहर, जमीन सौदों पर लगेगी रोक
पटना। बिहार की सियासत और विकास के गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सूबे के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक में 22 अहम एजेंडों को मंजूरी दी गई, जिनमें 11 सैटेलाइट टाउनशिप का प्रस्ताव सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। इस बड़े फैसले के साथ ही राजधानी पटना समेत कई शहरों के आसपास जमीन की खरीद-बिक्री पर सख्त पाबंदी लगाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
नगर विकास एवं आवास विभाग की अधिसूचना जारी होते ही चिन्हित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री, ट्रांसफर, निर्माण और डेवलपमेंट पर रोक लग जाएगी। यह पाबंदी अलग-अलग शहरों में वर्ष 2027 तक प्रभावी रहने की संभावना है। सरकार का मानना है कि यह कदम मास्टर प्लान आधारित शहरीकरण को नई दिशा देगा।
सरकार ने प्रस्तावित टाउनशिप को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान देने के लिए खास नाम तय किए हैं। इनमें पाटलिपुत्रा (पटना), हरिहरनाथपुरम (सोनपुर), मगध (गया), तिरहूत (मुजफ्फरपुर), मिथिला (दरभंगा) और विक्रमशीला (भागलपुर) जैसे नाम शामिल हैं। हर टाउनशिप का शुरुआती क्षेत्रफल 800 से 1200 एकड़ के बीच रखा गया है, जिसे भविष्य में विस्तार दिया जा सकता है।

हुकूमत का दावा है कि इस मेगा प्लान से सुनियोजित शहरीकरण को गति मिलेगी, मौजूदा शहरों पर दबाव कम होगा और नए आर्थिक हब विकसित होंगे। जमीन अधिग्रहण के लिए लैंड पुलिंग समेत आधुनिक तरीकों को अपनाया जाएगा, जिससे निवेश आकर्षित करने में भी मदद मिलेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह फैसला सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में बड़े संरचनात्मक बदलाव का संकेत है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और आम लोगों को बेहतर शहरी सुविधाएं मिल सकेंगी।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अधिसूचना कब जारी होती है और जमीन बाजार पर इसका कितना व्यापक असर पड़ता है। माना जा रहा है कि यह फैसला आने वाले समय में बिहार के रियल एस्टेट सेक्टर की तस्वीर बदल सकता है।













