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बहेड़ी थाना में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर आमरण अनशन दूसरे दिन भी जारी, प्रशासन पर उदासीनता का आरोप

-बहेड़ी थाना में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर आमरण अनशन दूसरे दिन भी जारी, प्रशासन पर उदासीनता का आरोप

दरभंगा। बहेड़ी थाना में कथित भ्रष्टाचार और आम लोगों के साथ दुर्व्यवहार के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व जिला सांसद प्रतिनिधि रविन्द्र नाथ सिंह उर्फ चिंटू सिंह का आमरण अनशन बुधवार को दूसरे दिन भी एसपी कार्यालय, लहेरियासराय के समीप जारी रहा। अनशनकारियों ने जिला प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि 48 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक न तो चिकित्सकीय जांच कराई गई है और न ही पीने का पानी, बिजली एवं शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
मिथिला विकास संगठन के संस्थापक विकाश फूल ने कहा कि प्रशासन का यह रवैया संवेदनहीनता को दर्शाता है और मानवाधिकारों के उल्लंघन जैसा है।
अनशनकारी रविन्द्र नाथ सिंह ने आरोप लगाया कि बहेड़ी थाना में पीड़ितों के साथ न्याय नहीं हो रहा है। उन्होंने थानाध्यक्ष सूरज गुप्ता और अवर निरीक्षक रौशन कुमार पर शिकायतों को दबाने, एफआईआर दर्ज करने में अनावश्यक विलंब करने, रिश्वत मांगने तथा अपराधियों को संरक्षण देने जैसे गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इन आरोपों के समर्थन में शपथपत्र भी सौंपा गया है और निष्पक्ष जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की अध्यक्षता में जांच समिति गठित करने की मांग की गई है।


एसडीपीओ की ‘क्लीन चिट’ पर उठाए सवाल
समाजसेवी कालीचरण यादव ने 11 जुलाई को एसडीपीओ बेनीपुर द्वारा बिना स्थल निरीक्षण के दी गई कथित “क्लीन चिट” को प्रशासनिक खानापूर्ति बताते हुए कहा कि पहले निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, उसके बाद ही किसी को क्लीन चिट दी जानी चाहिए।
अनशनकारियों ने उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच समिति के गठन, जांच के दौरान थाना के सीसीटीवी फुटेज, आगंतुक पंजी और मालखाना पंजी समेत अन्य अभिलेखों की फोरेंसिक जांच कराने, दोषी अधिकारियों पर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई करने तथा बिना तथ्यात्मक जांच के क्लीन चिट देने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।
अनशन के समर्थन में मिथिला विकास संगठन के पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।