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बज्जिका भाषा को मिला नया मंच: ‘पहरुआ’ पत्रिका का लोकार्पण, कवि गोष्ठी में गूंजे लोकस्वर

-बज्जिका भाषा को मिला नया मंच: ‘पहरुआ’ पत्रिका का लोकार्पण, कवि गोष्ठी में गूंजे लोकस्वर

राजापाकर/वैशाली | संजय श्रीवास्तव।
राजापाकर प्रखंड के सरसई गांव स्थित बज्जिका सदन में रविवार को राष्ट्रीय बज्जिका भाषा परिषद, हाजीपुर/पटना के तत्वावधान में बज्जिका भाषा की तिमाही पत्रिका ‘पहरुआ’ के संयुक्त अंक (7-8) का लोकार्पण एवं भव्य कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के साहित्यप्रेमियों और ग्रामीणों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षाविद एवं पूर्व प्राचार्य प्रो० (डॉ०) जयश्री मिश्र ने की, जबकि स्वागत संबोधन ई० राम नरेश शर्मा ने किया। इस अवसर पर पत्रिका ‘पहरुआ’ का लोकार्पण डॉ० जयश्री मिश्र, परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष ई० राम नरेश शर्मा, पत्रिका संपादक डॉ० विद्या चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोगों के कर-कमलों से किया गया।
पत्रिका के संपादक डॉ० विद्या चौधरी ने ‘पहरुआ’ की आवश्यकता और इसके नवीन अंक की विशेषताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं कुमारी लता ने भी पत्रिका को बज्जिका भाषा के संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ० जयश्री मिश्र ने बज्जिका आंदोलन के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए भाषा के संरक्षण और प्रचार-प्रसार पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में भव्य कवि गोष्ठी आयोजित हुई, जिसमें कुमारी लता, कृष्णा देवी, गिरिजा देवी, रंजना देवी, रेणुका देवी, अंजुला देवी, सरोज देवी एवं राम कुमारी देवी समेत कई कवियों ने अपनी कविताओं और मधुर गीतों से वातावरण को सरस बना दिया। मंच संचालन संजय कुमार सिंह ने किया।
इस मौके पर अशोक कुमार, मदन शर्मा, सुधांशु शेख, व्रजेश कुमार, दीपक सिंह, ऋषभ राज सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में शिक्षाविद एवं पूर्व प्राचार्य मदन मोहन ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया।