-ढाई साल के बेटे की हत्या की आरोपी महिला एसकेएमसीएच से फरार, बाथरूम जाने के बहाने पुलिस को दिया चकमा
मुजफ्फरपुर। अपने ही ढाई साल के बेटे को कथित तौर पर जहरीला पदार्थ मिला बिस्कुट खिलाकर हत्या करने के आरोप में जेल भेजी गई महिला बुधवार की अहले सुबह एसकेएमसीएच से फरार हो गई। इलाज के लिए शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा से एसकेएमसीएच के एमसीएच वार्ड में भर्ती कराई गई आरोपी महिला ने निगरानी में तैनात पुलिसकर्मियों को बाथरूम जाने के बहाने चकमा दिया और अस्पताल से निकल गई। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। फरार महिला की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
मामला रामपुरहरि थाना क्षेत्र के टेंगरांहा उत्तरी टोला का है। 20 अगस्त को ढाई वर्षीय आर्यन कुमार की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। परिजनों के अनुसार, बच्चे की हालत बिगड़ने के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। मामले में बच्चे की मां पर बिस्कुट में जहरीला पदार्थ मिलाकर खिलाने का आरोप लगा था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महिला को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

जेल प्रशासन के अनुसार, आरोपी महिला करीब दो माह की गर्भवती थी। तबीयत खराब होने के बाद उसे 29 अगस्त को इलाज के लिए एसकेएमसीएच के एमसीएच वार्ड में भर्ती कराया गया था। उसकी निगरानी के लिए दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। बुधवार की सुबह महिला ने बाथरूम जाने की बात कही और इसी दौरान निगरानी में तैनात पुलिसकर्मियों को चकमा देकर अस्पताल से फरार हो गई।
महिला के फरार होने की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों में अफरातफरी मच गई। एसकेएमसीएच पुलिस की मदद से अस्पताल परिसर और आसपास के इलाकों में उसकी तलाश शुरू की गई। पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। साथ ही अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि महिला के निकलने की दिशा और उसके संभावित सहयोगियों का पता लगाया जा सके।
शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा के अधीक्षक ने बताया कि तबीयत खराब होने के कारण महिला को 29 अगस्त को एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया था। उसकी सुरक्षा के लिए दो पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे, लेकिन बाथरूम जाने के बहाने वह दोनों को चकमा देकर फरार हो गई।
गंभीर आपराधिक मामले में न्यायिक हिरासत में बंद आरोपी के अस्पताल से फरार होने के बाद सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस अब महिला को दोबारा गिरफ्तार करने के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि अस्पताल से निकलने के बाद उसने किस रास्ते का इस्तेमाल किया और क्या फरारी में किसी ने उसकी मदद की।












