-डीएम ने मॉडल स्कूल का किया निरीक्षण, विद्यार्थियों की प्रतिभा और मेधा की सराहना
मुजफ्फरपुर। जिलाधिकारी कुमार गौरव ने सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल), राजकीय जिला स्कूल, मुजफ्फरपुर का निरीक्षण कर विद्यालय में संचालित पठन-पाठन की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न कक्षाओं में बैठकर शिक्षण कार्य का प्रत्यक्ष अनुभव लिया और विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं, समस्याओं और आकांक्षाओं की जानकारी ली। इस दौरान जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, परिश्रम और मेधा की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार के उद्देश्यों और छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक जरूरतों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पूरा प्रशासनिक तंत्र सजग, तत्पर और प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के सात निश्चय-3 के तहत ‘उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य’ कार्यक्रम के अंतर्गत मुजफ्फरपुर जिले में 17 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों के संचालन, समन्वय और निगरानी के लिए जिला स्तर से पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि उन्होंने स्वयं राजकीय जिला स्कूल स्थित मॉडल स्कूल को गोद लिया है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्मार्ट क्लास के संचालन को भी देखा। कक्षा नौ में भौतिकी तथा कक्षा दस के अलग-अलग सेक्शन में जीव विज्ञान और गणित की कक्षाएं संचालित हो रही थीं। उन्होंने शिक्षकों द्वारा बच्चों को पढ़ाने की प्रक्रिया का जायजा लिया और विद्यार्थियों से विषयों से जुड़े सवाल पूछे। विद्यार्थियों ने भौतिकी, जीव विज्ञान, गणित सहित विभिन्न विषयों के प्रश्नों का सही उत्तर दिया। इस पर जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि बच्चों में सीखने की क्षमता और ज्ञान का स्तर उत्साहजनक है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में लर्निंग आउटकम को अधिकतम करने और उन्हें बदलती दुनिया की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने इंटरैक्टिव पैनल बोर्ड की आवश्यकता, शिक्षकों की पदस्थापना और विद्यालय भवन की नियमित मरम्मत समेत कई मांगें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। जिलाधिकारी ने इन समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन देते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया। साथ ही बीएसईआईडीसी के अभियंता को विद्यार्थियों और शिक्षकों की जरूरत के अनुसार आवश्यक संरचनाओं का निर्माण कराने तथा विद्यालय भवनों का नियमित अनुरक्षण और मरम्मत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का समय-समय पर मूल्यांकन करने का निर्देश दिया। जिला शिक्षा पदाधिकारी को नियमित टेस्ट आयोजित कर विद्यार्थियों के प्रदर्शन का आकलन करने तथा अभिभावक-शिक्षक बैठक के दौरान बच्चों की प्रगति को लेकर अभिभावकों से सार्थक संवाद करने को कहा गया। उन्होंने अधिकारियों को विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से नियमित संवाद स्थापित कर फीडबैक लेने का भी निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार के गंभीर और सतत प्रयासों से विद्यालयों के शैक्षणिक वातावरण में व्यापक सुधार आया है। विद्यालयों का नियमित निरीक्षण कर उनके संचालन में लगातार गुणात्मक परिवर्तन लाने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों से सरकार के उद्देश्यों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास करने को कहा।
मॉडल स्कूल के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय स्थित शिक्षा भवन का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सिंगल विंडो सिस्टम का उद्घाटन किया। इसके माध्यम से लोगों को शैक्षणिक शिकायतों के निवारण के लिए एक ही स्थान पर सुविधा उपलब्ध होगी। जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को इस व्यवस्था का प्रभावी और सुचारु संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
इसके बाद जिलाधिकारी ने किलकारी बाल भवन का भ्रमण किया और वहां बच्चों से संवाद किया। उन्होंने बच्चों की रचनात्मकता और प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए कहा कि किलकारी बाल भवन बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार द्वारा स्थापित महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां के बच्चे पेंटिंग, नृत्य, संगीत, नाटक और खेल-कूद सहित विभिन्न विधाओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को बच्चों की आवश्यकताओं के अनुरूप किलकारी बाल भवन में बेहतर और सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।












