-झारखंड में शर्मनाक हार के बाद बीजेपी लेने वाली है बड़ा एक्शन!
-इस नेता की हो सकती है वापसी?
दीपक कुमार तिवारी। रांची/नई दिल्ली।
झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 में शर्मनाक हार का सामना करने के बाद बीजेपी अब एक बार फिर से खुद को खड़ा करने की तैयारी शुरू कर चुकी है।सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी की ओर इस बार बड़े लेवल की तैयारी की जा रही है।पार्टी ने हार के कारणों पर मंथन करना शुरू का दिया है। पार्टी मंडल स्तर तक से फीडबैक ले रही है।पार्टी के प्रदेश कार्यालय में 30 नवंबर को इस संदर्भ में एक बैठक होने वाली है. इस बैठक में संगठन प्रभारी डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी भी हिस्सा लेंगे। इसके बाद 3 दिसंबर को दिल्ली में हार के कारणों की समीक्षा होगी।
इस चुनाव में बीजेपी को आदिवासी सुरक्षित 28 विधानसभा सीटों में से 27 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में फिर से पार्टी के पास सामान्य और ओबीसी राजनीति पर अधिकाधिक फोकस करने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है। सूत्रों के अनुसार, अब पूर्व सीएम और ओडिशा के राज्यपाल रघुवर दास को फिर से सक्रिय राजनीति में लाने पर विचार किया जा रहा है।बता दें कि बाबूलाल मरांडी को फ्री हैंड देने के लिए ही रघुबर दास को पिछले साल ही ओडिशा के राज्यपाल के पद पर पदोन्नत किया गया था। राज्यपाल बनने की उनकी इच्छा नहीं थी, लेकिन पार्टी नेतृत्व का विरोध नहीं कर सके थे।

वहीं दूसरी ओर बाबूलाल मरांडी ने हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की पेशकश की है।अब इस पर पार्टी आलाकमान क्या फैसला लेता है, ये भी देखना होगा।बता दें कि 2019 का विधानसभा चुनाव हारने के बाद बीजेपी में बाबूलाल मरांडी की घर वापसी हुई थी। उन्होंने अपनी पार्टी जेवीएम का बीजेपी में विलय कर दिया था।जिसके बाद बीजेपी ने उन्हें प्रदेश की कमान सौंप दी थी। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद मरांडी ने जेवीएम से आए नेताओं को ज्यादा तवज्जो दी।झारखंड के पार्टी प्रभारी लक्ष्मीकांत वाजपेयी लगातार नाराजगी जताते रहे, लेकिन उनको भी दरकिनार कर दिया गया। अब पार्टी को महसूस हुआ कि ये तो बड़ा भारी ब्लंडर हो गया।










