-जानकी मंदिर के विवाह मंडप और विद्युतीय सीता चरित्र चलचित्र पर तालाबंदी, पर्यटक निराश
जनकपुरधाम | मिश्री लाल मधुकर
नेपाल के जनकपुरधाम स्थित विश्वप्रसिद्ध जानकी मंदिर परिसर में बने विवाह मंडप और विद्युतीय सीता चरित्र चलचित्र पर मंगलवार से तालाबंदी कर दी गई। यह कार्रवाई मधेश प्रदेश के गृह तथा संचार मंत्री फकीरा महतो की पहल और निर्देश के बाद की गई।
मंगलवार को गृह मंत्री ने दोनों स्थलों का निरीक्षण किया था। इसके बाद उन्होंने श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए इन स्थलों में निःशुल्क प्रवेश सुनिश्चित करने की बात कही। वर्तमान में विद्युतीय सीता चरित्र चलचित्र देखने के लिए 15 नेपाली रुपये और विवाह मंडप के प्रवेश के लिए 10 नेपाली रुपये शुल्क लिया जाता था। इन दोनों का संचालन टेंडर के माध्यम से होता है और इससे प्राप्त राशि जानकी मंदिर को मिलती है।

तालाबंदी के कारण नेपाल और भारत से आए श्रद्धालु एवं पर्यटक विवाह मंडप और विद्युतीय सीता चरित्र चलचित्र का अवलोकन नहीं कर सके, जिससे उनमें निराशा देखी गई।
इस निर्णय पर जानकी मंदिर के महंत राम तपेश्वर दास वैष्णव ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन की सहमति के बिना इस प्रकार की कार्रवाई उचित नहीं है। उनके अनुसार इन दोनों स्थलों से प्राप्त आय का उपयोग मंदिर के भोग-राज, कर्मचारियों के वेतन, भंडारा तथा अन्य धार्मिक और प्रशासनिक कार्यों में किया जाता है।
गौरतलब है कि विवाह मंडप का निर्माण तत्कालीन मंत्री स्वर्गीय मकेश्वर सिंह की पहल पर पैगोडा शैली में कराया गया था। अब इस विवाद के बाद मंदिर प्रशासन और सरकार के बीच सहमति बनने पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।











