-गायों के लिए आधी रात खुला द्वारकाधीश,मालिक ने लंपी ठीक होने की मन्नत मांगी
नयी दिल्ली ।संवाददाता।
भगवान श्रीकृष्ण की नगरी ‘द्वारका’ के इतिहास में शायद ये पहला मौका है, जब द्वारकाधीश मंदिर के दरवाजे आधी रात को खोले गए। जी हां, बुधवार की रात यहां कुछ ऐसा ही हुआ।

मंदिर के पट किसी वीआईपी के लिए नहीं, बल्कि 25 गायों के लिए खोले गए। ये गायें अपने मालिक के साथ 450 किमी की पैदल यात्रा कर कच्छ से द्वारका पहुंची थीं। दरअसल, कच्छ में रहने वाले महादेव देसाई की गोशाला की 25 गायें करीब दो महीने पहले लंपी वायरस से ग्रस्त हो गई थीं। इस दौरान पूरे सौराष्ट्र में लंपी वायरस से गायों के मरने का सिलसिला जारी था। इसी बीच महादेव ने भगवान द्वारकाधीश से मन्नत मांगी थी कि अगर उनकी गायें ठीक हो गईं तो वे इन गायों के साथ आपके दर्शन करने जाएंगे।












