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एमजीसीयू के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ‘राष्ट्र रत्न गौरव अलंकरण–2026’ से हुए सम्मानित

-एमजीसीयू के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ‘राष्ट्र रत्न गौरव अलंकरण–2026’ से हुए सम्मानित

– तृतीय दीक्षांत समारोह के अवसर पर कवि सम्मेलन एवं संगीतमय कार्यक्रम से सजी भव्य सांस्कृतिक संध्या

मोतिहारी, राजन द्विवेदी।

महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय (एमजीसीयू), मोतिहारी में तृतीय दीक्षांत समारोह 2026 के अवसर पर एक भव्य एवं सांस्कृतिक गरिमा से परिपूर्ण संध्या का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शास्त्रीय नृत्य, छात्र प्रस्तुतियां, कवि सम्मेलन एवं संगीतमय प्रस्तुति का अद्भुत संगम देखने को मिला।

– कुलपति को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्र रत्न गौरव अलंकरण–2026’ से नवाजा

इस गरिमामयी अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव को रसवर्षा संस्थान, वाराणसी द्वारा प्रतिष्ठित ‘राष्ट्र रत्न गौरव अलंकरण–2026’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक नेतृत्व, प्रशासनिक दक्षता एवं समाज, संस्कृति तथा भाषा के उत्थान में दिए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।
यह सम्मान उनके दूरदर्शी नेतृत्व और विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के सतत प्रयासों का प्रमाण है।

– शास्त्रीय प्रस्तुति से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ प्रिशा श्रीवास्तव द्वारा प्रस्तुत मनमोहक कथक शैली की गणेश वंदना से हुआ, जिसने कार्यक्रम को आध्यात्मिक एवं गरिमामयी शुरुआत प्रदान की।
इसके उपरांत छात्राओं मृणालिनी सहाय, आरुषि कुमारी, एंजल सुमन मुंडारी एवं मुस्कान कुमारी ने सेमी-क्लासिकल एवं बॉलीवुड मिक्स डांस की आकर्षक प्रस्तुति दी, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
कार्यक्रम का अगला चरण आकर्षक कवि सम्मेलन रहा, जिसमें देश के प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन प्रसिद्ध हास्य कवि डॉ. चकाचौंध ज्ञानपुरी (वाराणसी) द्वारा किया गया, जिन्होंने अपनी काव्य प्रस्तुति से भी वातावरण को जीवंत बना दिया।


कवि सम्मेलन में प्रमुख रूप से शामिल कवियों में डॉ. चकाचौंध ज्ञानपुरी (वाराणसी), शंकर कैमूरी (सासाराम, बिहार), पूनम श्रीवास्तव (मिर्जापुर), प्रकाश गुप्ता (जबलपुर) थे।
हास्य, व्यंग्य एवं सामाजिक सरोकारों से युक्त उनकी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर तक बांधे रखा। इस पूरे कार्यक्रम की प्रस्तुति रसवर्षा संस्थान, वाराणसी द्वारा की गई।
कवि सम्मेलन के उपरांत पटना इंक बैंड द्वारा एक शानदार म्यूजिकल सोइरे प्रस्तुत किया गया, जिसमें सूफी एवं बॉलीवुड संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिला।

-कुशल नेतृत्व में सफल आयोजन

यह कार्यक्रम कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित हुआ, जबकि प्रो. प्रसून दत्ता सिंह ने संयोजक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का सफल आयोजन विश्वविद्यालय की उत्कृष्ट प्रबंधन क्षमता को दर्शाता है।

– संस्कृति और सृजनशीलता का अद्भुत संगम

यह सांस्कृतिक संध्या विश्वविद्यालय की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसमें शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ साहित्य, संस्कृति और कला को भी समान महत्व दिया जाता है। शास्त्रीय नृत्य, छात्र प्रस्तुतियों, कवि सम्मेलन और संगीतमय कार्यक्रम ने तृतीय दीक्षांत समारोह को एक गरिमामयी और यादगार समापन प्रदान किया।