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अब राबड़ी देवी ने सदन में मिथिलांचल राज्य बनाने की मांग उठाई

-अब राबड़ी देवी ने सदन में मिथिलांचल राज्य बनाने की मांग उठाई

-क्या फिर टूटेगा बिहार?

ब्यूरो। पटना।

राजद ने मिथिलांचल राज्य बनाने की मांग को लेकर नया दांव चल दिया है।बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने आज (बुधवार, 27 नवंबर) सदन में बिहार को तोड़कर अलग मिथिलांचल राज्य बनाने की मांग को उठाया। मिथिलांचल राज्य बनाने की मांग को लेकर राबड़ी देवी ने सदन में कहा कि वह लोग मोदी जी को बधाई दे रहे थे कि मैथिली भाषा शामिल हुआ है। ठीक है हम भी खुश हैं।शामिल होना चाहिए, लेकिन मिथिला राज्य बनाना चाहिए।
बता दें कि मिथिला क्षेत्र उत्तर बिहार का इलाका है, जहां मैथिली भाषा बोली जाती ह।यहां के लोग लंबे समय से मिथिला को अलग राज्य बनाने की मांग कर रहे हैं।इतिहास के पन्नों को पलटकर देखा जाए तो मिथिला राज्य की मांग पहली बार 1912 में की गई थी।इसके बाद 1921 में महाराजा रामेश्वर सिंह के द्वारा मांग की गई, लेकिन पहली बार मिथिला राज्य के लिए आंदोलन 1952 में हुआ, जिसके बाद से ये मामला बार-बार तूल पकड़ रहा है।


करीब दो साल पहले मिथिला स्टूडेंट यूनियन (MSU) के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर-मंतर पर इस मांग को लेकर आंदोलन किया गया था।यह पहली बार था जब मिथिलांचल राज्य के आंदोलन में दिल्ली में इतना बड़ा आंदोलन हुआ हो. इस आंदोलन में आम आदमी पार्टी के विधायक ऋतुराज झा और पूर्व सांसद महाबल मिश्रा भी शामिल हुए थे।मैथिली भाषी लोगों की संख्याबल की बात की जाय तो 7 करोड़ से अधिक लोगों का अस्तित्व से जुड़ा हुआ है।मैथली भाषा भी संविधान के अष्टम अनुसूची में दर्ज है. वहीं मिथिलांचल वासियों का कहना है कि कोई भी सरकार की ओर से योजना-परियोजना आती है तो उसको मगध में दे दिया जाता है।मिथिलांचल में जो विकास के काम होने चाहिए, वह भी नहीं हो रहा है।