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IGIMS में मरीजों के बेड तक उपलब्ध होगी दवाई, इमरजेंसी में एडमिट मरीजों को मिलेगी कॉल सिस्टम

-IGIMS में मरीजों के बेड तक उपलब्ध होगी दवाई, इमरजेंसी में एडमिट मरीजों को मिलेगी कॉल सिस्टम

सम्वाददाता। पटना।

इलाज के लिए पटना आईजीआईएमएस में आने वाले मरीजों को अब पहले से अधिक सुविधा मिलने वाली है। अब जांच और दवाई के लिए उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा। अब उन्हें बेड पर ही दवाई की सुविधा उपलब्ध होगी।
दरअसल, पटना आईजीआईएमएस जांच की प्रक्रिया पूरी तरीके से डिजिटल तरीके से होगी और दवाई के लिए उन्हें इधर उधर भटकना नहीं पड़ेगा। अब अस्पताल कर्मी ही मरीजों के बेड तक 15 से 20 मिनट के अंदर दवाई उपलब्ध करवाएंगे। इसके साथ ही मरीजों को इलाज संबंधी सभी जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।

अब इलाज के लिए आने वाले मरीजों को भर्ती होने से पहले कंप्यूटराइज् व्यवस्था हो जाने से यह सब चीजें काफी दुरुस्त हो जाएंगी। जैसे कि अगर कोई मारी इलाज करवाने के लिए आया है और उसने ब्लड जांच के लिए पैसा जमा किया है तो हमें यह कंप्यूटर के माध्यम से पता चल जाएगा कि उसने किस समय पर पैसे जमा किए हैं। उसके बाद भी अभी पता चल सकेगा कि उस मरीज के ब्लड सैंपल की जांच की गई या फिर नहीं और मरीज को रिपोर्ट कितने बजे मिला। कुल मिलाकर 4 प्रोसेस होते हैं सबसे पहले ब्लड टेस्टिंग, दूसरा ब्लड प्रोसेसिंग, तीसरा ब्लड रिपोर्टिंग और चौथा अगर ब्लड प्रोसेस हो गया है तो रिपोर्ट मिला या नहीं।
अगर इस दौरान मरीजों को किसी भी एक प्रक्रिया में दिक्कत होती है तो हमें तुरंत पता चल जाएगा और हम तुरंत इस पर कार्रवाई कर सकेंगे। इस मामले में हमने टाइम बेस्ड ट्रिटमेंट शुरू कर दिया है कि कैसे कम समय में मरीजों का जांच हो सके।
वहीं, दवाई को लेकर जो भी कर्मचारी वार्ड में मौजूद होगा वह वहीं से कम्प्यूटराइज्ड तरीके से दवा का पुर्जा बना देगा। कंप्यूटर के माध्यम से ही दवा की लिस्ट स्टोर तक चली जाएगी और स्टोर से ही दवा अस्पताल कर्मचारी के द्वारा ही सीधे मरीज के बेड तक पहुंचा दिया जाएगा। इसमें भी वहीं चीज होगी की दवा लिखा कितने बजे गया और दवा मरीज तक कितने समय में पहुंची। अगर इस बीच कोई गड़बड़ी होती है तो इसमें भी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा अगर कोई मरीज इमरजेंसी वार्ड में एडमिट है और उसे तुरंत किसी चीज की जरूरत पड़ती है, तो इसके लिए कॉल सिस्टम की व्यवस्था की जा रही है। मरीजों के बेड के पास ही कॉल सिस्टम की व्यवस्था होगी, जिससे मरीज कोई परेशानी होने पर सीधे सिस्टर को कॉल करेंगे और सिस्टर तुरंत उस कॉल का जवाब देंगी, अगर अगले 15 से 20 मिनट में उस कॉल का जवाब सिस्टर के तरफ से नही मिलता है, तो वह कॉल सीधे कम्प्युटराइज्ड सिस्टम की मदद से सपरिटेंडेंट के ऑफ़िस में फॉरवर्ड हो जाएगा।