-168 मेधावी विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया सम्मानित, बोले- युवा नौकरी लेने वाले नहीं, देने वाले बनें
पटना, 9 सितंबर 2026(दीपक कुमार तिवारी)। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘नेक संवाद’ सभागार में इंटरमीडिएट एवं मैट्रिक वार्षिक परीक्षा-2026 की टॉपर सूची में स्थान प्राप्त करने वाले 168 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने टॉपर विद्यार्थियों को मेडल, प्रशस्ति पत्र एवं सांकेतिक चेक प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस दौरान इंटरमीडिएट विज्ञान संकाय में टॉप-3, कला संकाय में टॉप-4, वाणिज्य संकाय में टॉप-2, व्यावसायिक पाठ्यक्रम में टॉप-2 तथा मैट्रिक परीक्षा में टॉप-3 स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों सहित निर्धारित श्रेणी में सफल मेधावियों को पुरस्कार प्रदान किया गया।
इंटरमीडिएट एवं मैट्रिक में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को दो लाख रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वालों को डेढ़ लाख रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। इंटरमीडिएट में चौथे और पांचवें स्थान पर रहे विद्यार्थियों को 30 हजार रुपये तथा मैट्रिक में चौथे से दसवें स्थान तक के विद्यार्थियों को 20 हजार रुपये दिए गए। सभी सम्मानित विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए अतिरिक्त 51 हजार रुपये की राशि भी प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि 168 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया है और ये सभी उनके लिए टॉपर हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को उनकी सफलता के लिए बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि परिश्रम, प्रतिभा और लगन का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले टॉपर सम्मान समारोह नवंबर-दिसंबर में आयोजित होता था, लेकिन अब यह समय पर होना चाहिए। उन्होंने घोषणा की कि अगले वर्ष से परीक्षा परिणाम घोषित होने के एक महीने के भीतर टॉपर्स सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, ताकि मेधावी विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धि के लिए समय पर सम्मान और प्रोत्साहन मिल सके।
सम्राट चौधरी ने बिहार के गौरवशाली शैक्षणिक इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार प्राचीन काल से ही ज्ञान और शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहा है। नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालय ने पूरी दुनिया में बिहार की पहचान स्थापित की। उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय को पुनः स्थापित किया गया है, जबकि विक्रमशिला विश्वविद्यालय के लिए 15 जुलाई को 200 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के गौरवशाली शैक्षणिक अतीत को आधुनिक सुविधाओं के साथ आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए कोचिंग, लाइव क्लास और लाइव ट्यूटर जैसी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। उन्होंने पूर्ववर्ती छात्रों से भी अपने विद्यालय और वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों के विकास में योगदान देने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का संकल्प ‘समृद्ध बिहार’ है। इस संकल्प को पूरा करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे केवल नौकरी लेने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब तक करीब एक हजार उद्योगों के लिए भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है और औद्योगिक विकास के साथ युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
बिहार में बाढ़ की स्थिति पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 38 प्रतिशत कम वर्षापात के बावजूद राज्य में बाढ़ की चुनौती बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बिहार को लगभग हर वर्ष बाढ़ की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसलिए केवल राहत और बचाव तक सीमित रहने के बजाय इसके स्थायी समाधान की दिशा में काम करना जरूरी है। जल-चक्र और प्राकृतिक जल-प्रवाह तंत्र को बेहतर एवं व्यवस्थित करने के लिए दीर्घकालिक कार्य किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से अपनी प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग बिहार के विकास के लिए करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा मिलने के बाद जीवन प्रकाशमय हो जाता है। विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान और उनके सुझाव प्राप्त करने के लिए ‘सहयोग पोर्टल’ भी संचालित किया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से विकसित और समृद्ध बिहार के निर्माण के लिए अपने सुझाव देने को कहा।
सम्मान समारोह के बाद मुख्यमंत्री की ओर से सभी विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों के लिए लोक सेवक आवास में प्रीति भोज का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं के साथ भोजन किया और आत्मीय बातचीत के दौरान उनके भविष्य की योजनाओं एवं अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान विद्यार्थी मुख्यमंत्री के साथ बातचीत को लेकर काफी उत्साहित नजर आए।
कार्यक्रम में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने मुख्यमंत्री को हरित पौधा एवं प्रतीक चिह्न भेंट कर स्वागत किया। समारोह के दौरान बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के कार्यों पर आधारित लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह एवं संजय कुमार सिंह, शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ. त्यागराजन एस.एम. समेत अन्य वरीय अधिकारी, छात्र-छात्राएं एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे।












