-मुजफ्फरपुर में तीन नई ‘जीविका दीदी की रसोई’ का शुभारंभ, जिले में अब 12 केंद्र संचालित
मुजफ्फरपुर। जिले में जीविका से जुड़ी महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए सोमवार को तीन नई ‘जीविका दीदी की रसोई’ का शुभारंभ किया गया। जिला पदाधिकारी कुमार गौरव ने राम जानकी मंदिर, संयुक्त भवन (कम्बाइंड बिल्डिंग) और समाहरणालय परिसर स्थित अप्पू घर में इन रसोइयों का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त निशांत सिहारा, अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी आनंद उत्सव, एमडीएम प्रभारी संजय सिंह, जिला पंचायती राज पदाधिकारी प्रियव्रत रंजन और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी लोकेश कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जिला पदाधिकारी कुमार गौरव ने कहा कि ‘जीविका दीदी की रसोई’ शुरू होने से समाहरणालय के पदाधिकारियों, कर्मियों और आम लोगों को किफायती दर पर स्वादिष्ट, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के साथ-साथ आम लोगों को स्वच्छ एवं घर जैसा भोजन उपलब्ध कराने में भी उपयोगी साबित होगी।
राम जानकी मंदिर के पास शुरू की गई दीदी की रसोई कैफेटेरिया का उद्घाटन सबसे पहले किया गया। इस दौरान दीपमाला संकुल स्तरीय संघ की दीदियों ने अतिथियों का पौधा देकर स्वागत किया। जिलाधिकारी ने जीविका दीदियों के साथ केक काटकर रसोई के संचालन की शुरुआत की।
इसके बाद संयुक्त भवन में दूसरी रसोई का शुभारंभ किया गया। यहां सरकारी कार्य से आने वाले पदाधिकारियों, कर्मियों और आम लोगों के लिए किफायती दर पर नाश्ता और भोजन उपलब्ध रहेगा। साफ-सफाई के साथ घर जैसा स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

समाहरणालय सभा कक्ष के निकट अप्पू पार्क में तीसरी दीदी की रसोई का भी शुभारंभ हुआ। इसी अवसर पर जिलाधिकारी ने बच्चों के खेलने के लिए झूले और अन्य जिमनास्टिक सुविधाओं का भी उद्घाटन किया। अधिकारियों के अनुसार अप्पू पार्क में शाम के समय बच्चों के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध होगा। भारत माता पार्क की ओर से भी जल्द ही यहां पहुंचने के लिए रास्ता खोलने की योजना है।
बताया गया कि इन तीन नई रसोइयों के शुरू होने के बाद जिले में जीविका द्वारा संचालित दीदी की रसोई की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। इन रसोइयों के माध्यम से अब तक 300 से अधिक जीविका दीदियों को रोजगार मिल चुका है। सदर अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और अनुसूचित जाति आवासीय विद्यालयों समेत विभिन्न स्थानों पर पहले से दीदी की रसोई का संचालन किया जा रहा है। इनकी सफलता के बाद तीन नए केंद्र शुरू किए गए हैं, जिनसे करीब एक दर्जन दीदियों को सीधे रोजगार मिलने की बात कही गई है।
जीविका की डीपीएम अनीशा ने कहा कि जीविका का लगातार प्रयास दीदियों को आत्मनिर्भर बनाने का है। इसी कड़ी में जिले में तीन नए केंद्रों का संचालन शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के नेतृत्व में जीविका से जुड़ी महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए जीविका टीम लगातार काम कर रही है।
कार्यक्रम में जीविका के संचार प्रबंधक राजीव रंजन, रितेश कुमार, विकास कुमार, नूरी जमाल, मसरूर अहमद, सोनू कुमार, विवेक कुमार, कुणाल मिश्रा, पूजा कुमारी, रोशन कुमार, बीपीएम संजीव रंजन, बबली कुमारी, बबीता कुमारी सहित बड़ी संख्या में जीविका दीदियां और कर्मी उपस्थित रहे।












