-जनकपुरधाम में ततमा बौद्धिक समाज का सम्मेलन संपन्न, शिक्षा और राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर
जनकपुरधाम (नेपाल)।मधुकर। नेपाल ततमा बौद्धिक समाज, मधेश प्रदेश का सम्मेलन शनिवार को जनकपुरधाम में संपन्न हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता रामाशीष दास ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंडियन इनक्लुसिव पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राज कुमार दास थे।
मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए राज कुमार दास ने कहा कि नेपाल और भारत में ततमा, तांती तथा पान तांती समाज की आबादी बड़ी संख्या में है, लेकिन इसके बावजूद यह समाज आज भी उपेक्षा का शिकार है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और राजनीति के क्षेत्र में समाज की भागीदारी अपेक्षाकृत कम है। उन्होंने बताया कि इस समाज का पारंपरिक व्यवसाय कपड़ा बुनना था, लेकिन मशीनीकरण के कारण यह रोजगार लगभग समाप्त हो गया, जिससे समुदाय की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है।
उन्होंने नेपाल और भारत के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता सदियों पुराना है और आज भी मजबूती के साथ कायम है।

सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित मधेश प्रदेश के खेलकूद एवं समाज कल्याण मंत्री ने कहा कि नेपाल में ततमा समाज की आबादी पर्याप्त होने के बावजूद शिक्षा और राजनीति के क्षेत्र में समाज अपेक्षित प्रगति नहीं कर सका है। उन्होंने लोगों से अपने बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि “एक रोटी कम खाएं, लेकिन बच्चों को जरूर पढ़ाएं।”
उन्होंने यह भी कहा कि नेपाल में ततमा समाज दलित श्रेणी में आता है, फिर भी समाज को विभिन्न स्तरों पर भेदभाव का सामना करना पड़ता है। सम्मेलन में सामाजिक जागरूकता, शिक्षा और संगठनात्मक मजबूती पर विशेष चर्चा की गई।
इस अवसर पर एक पुस्तक का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम में रघुनाथ दास, पंच लाल दास समेत समाज के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।













