-नवजात को टीका लगाते समय जांघ में टूटी सुई, डीएम के निर्देश पर जांच तेज
राजापाकर/वैशाली | संजय श्रीवास्तव।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) राजापाकर में नवजात को टीका लगाने के दौरान जांघ में सुई टूटने की गंभीर घटना सामने आने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। मामले को समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद जिलाधिकारी वैशाली के निर्देश पर सिविल सर्जन ने सीएचसी का निरीक्षण कर विस्तृत जांच-पड़ताल की।
डीएम के आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम तत्काल राजापाकर पहुंची और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की। इस दौरान सिविल सर्जन और डीपीएम ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के कक्ष में घंटों बैठकर मामले की समीक्षा की तथा घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर, एएनएम प्रमिला कुमारी, उषा कुमारी और एंबुलेंस कर्मियों से पूछताछ की।

जांच के दौरान अस्पताल में उपलब्ध सुई और सीरिंज के स्टॉक की भी जांच की गई, जिसमें उपकरणों की गुणवत्ता सही पाई गई। इससे स्पष्ट हुआ कि सुई किसी तकनीकी खराबी से नहीं, बल्कि लापरवाही के कारण टूटी।
प्राथमिक जांच में एएनएम उषा कुमारी की कार्यशैली में गंभीर लापरवाही सामने आई है। टीका लगाते समय आवश्यक सावधानी नहीं बरती गई और घटना की जानकारी भी समय पर वरीय अधिकारियों को नहीं दी गई।
सिविल सर्जन ने बताया कि जांच रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अत्यंत गंभीर मामला है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इधर, घटना के सामने आने के बाद पीड़ित परिवार और ग्रामीणों में न्याय की उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के साथ पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।











